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रे रंगरेज़ !तू रंग दे मुझको !कुछ ऐसे शायराना हुईं आईएएस बी. चंद्रकला, बोली चुनावी छापा तो पड़ता रहेगा

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नई दिल्ली : अपने कामों को लेकर अक्सर सोशल मीडिया की सुर्खियों में रहने वालीं आईएएस बी. चंद्रकला (IAS B Chandrakala) इन दिनों सीबीआई छापों की वजह से चर्चा में हैं. सीबीआई ने 5 जनवरी को चंद्रकला के लखनऊ स्थित घर पर करीब दो घंटे तक छापेमारी की थी.

आपको बता दें कि IAS बी. चंद्रकला पर ग़लत तरीके से खनन पट्टे देने का आरोप है. चंद्रकला बुलंदशहर, हमीरपुर, मथुरा, मेरठ और बिजनौर में डीएम रह चुकी हैं. बहरहाल, सीबीआई छापों के बीच चंद्रकला ने अपने Linkedin प्रोफोइल में स्‍वरचित कविता पोस्‍ट की है.

कविता के अंत में उन्‍होंने छापे को चुनावी हथकंडा बताते हुए जीवन जीने का तरीका भी समझाया है. उन्‍होंने लिखा है, “चुनावी छापा तो पड़ता रहेगा, लेकिन जीवन के रंग को क्यों फीका किया जाए दोस्तों. आप सब से गुजारिश है कि मुसीबतें कैसी भी हो, जीवन की डोर को बेरंग ना छोड़ें.”

आईएएस बी. चंद्रकला ने जो कविता पोस्‍ट की है वो कुछ इस तरह है:

रे रंगरेज़ ! तू रंग दे मुझको ।।

रे रंगरेज़ तू रंग दे मुझको ,
फलक से रंग, या मुझे रंग दे जमीं से ,
रे रंगरेज़! तू रंग दे कहीं से ।।

छन-छन करती पायल से ,
जो फूटी हैं यौवन के स्वर ;

लाल से रंग मेरी होंठ की कलियाँ,
नयनों को रंग, जैसे चमके बिजुरिया,
गाल पे हो, ज्यों चाँदनी बिखरी ,
माथे पर फैली ऊषा-किरण ,

रे रंगरेज़ तू रंग दे मुझको,
यहाँ से रंग, या मुझे रंग दे, वहीं से ,
रे रंगरेज़ तू रंग दे, कहीं से ।।

कमर को रंग, जैसे, छलकी गगरिया ,
उर,,,उठी हो, जैसे चढ़ती उमिरिया ,
अंग-अंग रंग, जैसे, आसमान पर ,
घन उमर उठी हो बन, स्वर्ण नगरिया ।।

रे रंगरेज़ ! तू रंग दे मुझको,
सांस-सांस रंग, सांस-सांस रख,
तुला बनी हो ज्यों , बाँके बिहरिया ,

रे रंगरेज़ ! तू रंग दे मुझको ।।

पग- रज ज्यों, गोधुली बिखरी हो,
छन-छन करती नुपूर बजी हो,
फाग के आग से उठती सरगम,
ज्यों मकरंद सी महक उड़ी हो ।।

रे रंगरेज़ तू रंग दे मुझको ,
खुदा सा रंग , या मुझे रंग दे हमीं से ,
रे रंगरेज़ तू रंग दे , कहीं से ।।

पलक हो, जैसे बावड़ी वीणा,
कपोल को चूमे, लट का नगीना,
तपती जमीं सा मन को रंग दे,
रोम-रोम तेरी चाहूँ पीना ।।

रे रंगरेज़ तू रंग दे मुझको,
बरस-बरस मैं चाहूँ जीना ।। :: बी चंद्रकला ,,आई ए एस ।।

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रे रंगरेज़ !तू रंग दे मुझको !कुछ ऐसे शायराना हुईं आईएएस बी. चंद्रकला, बोली चुनावी छापा तो पड़ता रहेगा
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