Home राज्य छत्तीसगढ़ विधानसभा में गूंजा नान घोटाला, करोड़ों खर्च पर उठा सवाल

विधानसभा में गूंजा नान घोटाला, करोड़ों खर्च पर उठा सवाल

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नान घोटाला

रायपुर। विधानसभा में सोमवार को नान घोटाला का मामला गूंजा। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रश्नकाल में नान प्रकरण में शासन द्वारा निजी वकीलों की नियुक्ति का मामला उठाते हुए कहा कि अपूर्व कुरूप को निजी वकील बताया गया है। यह गलत जानकारी है। ये शासन का वकील है। एक भ्रष्ट अधिकारी को बचाने के लिए करोड़ों रुपए सरकार ने खर्च कर दिया। क्या महाधिवक्ता कार्यालय अक्षम है कि निजी वकीलों को बुलाना पड़ा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सीएम मैडम, सीएम सर कौन है ये जानने के लिए एसआईटी गठन किया गया है। लोग अब तक जांच की मांग करते रहे लेकिन नेता प्रतिपक्ष जांच रोकने की मांग को लेकर पीआईएल लगाते है। देश के बड़े- बड़े वकील चार्टर्ड प्लेन से आये थे। उसका हिसाब लगाएंगे तो बहुत हो जाएगा। इनके कार्यकाल में एडवोकेट जनरल भी बाहर से बुलाया गया था। यह पहली बार नहीं हुआ पूर्व सरकार में भी बाहर के वकील बुलाये जाते रहे है। यह शासन स्तर पर फैसला लिया जाता है।

विधानसभा को गलत जानकारी दी गई

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि शासन ने अपने जवाब में बताया है कि हरीश साल्वे, रविन्द्र श्रीवास्तव, अपूर्व कुरूप अलग-अलग तारीखों में 5 बार जिरह किया है, जबकि इन्होंने हाईकोर्ट में जिरह किया ही नहीं। हरीश साल्वे, रविन्द्र श्रीवास्तव कभी हाईकोर्ट में कभी पहुंचे ही नहीं. सरासर गलत जवाब दिया गया। जब ये लोग आये ही नहीं तो जिरह कब की गई, विधानसभा को गलत जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि संशोधित जवाब दिया जा चुका है, कृष्णन 26 फरवरी 2019, 12 मार्च 2019, 14 मार्च 2019 और 18 जुलाई 2019 को हाईकोर्ट में जिरह की, जिसके एवज में 80 लाख का भुगतान किया गया। डॉक्टर रमन सिंह ने पूछा कि दयन कृष्णन को दूसरे मामले में भी पैरवी कराई गई। आप सरकार का पैसा लुटाओ, उसमें हमें कुछ नहीं कहना है?

भूपेश ने जताई आपत्ति

भूपेश बघेल ने रमन सिंह की लुटाए जाने वाले शब्द पर कड़ी आपत्ति जताई। रमन सिंह ने कहा कि इतना उत्तेजित होने की जरूरत नहीं है. शांति से जवाब दीजिये। इस प्रश्न का जवाब पूरा सत्तापक्ष दे रहा है। मैं मुस्कुरा कर सामान्य प्रश्न पूछ रहा हूं। इतना उत्तेजित होने की जरूरत नहीं है।