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नोटबंदी के नाम पर 2 युवकों ने नक्सलियों को 10 लाख का चूना लगाया, जानिए पूरा मामला

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नोटबंदी

बीजापुर। नोटबंदी में पैसे बदलने के नाम पर बीजापुर के ग्राम मारूढ़बाका के दो सगे भाईयों ने नक्सलियों से 10 लाख और ग्रामीणों से 10 हजार रुपये लिए। दोनों ने पैसे बदलने के बाद उसे वापस करने के बजाए वहां से गायब हो गए। इसके चलते नक्सलियों की पामेड़ एरिया कमेटी ने प्रेस नोट जारी कर दोनों को चेतावनी पत्र जारी किया है।

वहीं वर्तमान कांग्रेस सरकार पर भाजपा सरकार की दमनकारी योजनाएं चलाने का आरोप लगाया है। आदिवासी युवकों को खेलकूद के नाम पर तथा हाट-बाजारों में भाषण और लालच देकर पुलिस द्वारा गोपनीय सैनिक तैयार करने का भी आरोप लगाया है।

जारी प्रेस नोट में नक्सलियों ने कहा है कि सरकार के साजिश के चलते मारूढ़बाका के भंडारी नागा और उसके भाई तिरूपति ने ग्रामीणों और उनकी पार्टी के साथ छल किया है। उनका कहना है कि भंडारी नागा और तिरूपति को नोटबंदी के दौरान नोट अदला-बदली के लिए माओवादियों के द्वारा दस लाख रुपये और ग्रामीणों ने दस हजार रुपये दिए थे। इसे लेकर दोनों भाई बीजापुर फरार हो गए और आज तक वह राशि उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। इसके चलते माओवादियों ने दोनों भाईयों को चेतावनी पत्र जारी किया है।

तोंगगुड़ा हमले की ली जिम्मेदारी, दो जवान हुए थे शहीद

27 अप्रैल को पामेड़ के तोंगगुड़ा में हुए नक्सली हमले में दो जवानों की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि पामेड़ इलाके के कंवरगट्टा, करकानगुड़ा, डुवालीकरका में ग्रामीणों और उनके कार्यकर्ताओं की हत्या व झूठे केसों में फंसाकर ग्रामीणों को जेल भेजने और उन्हें प्रताड़ित करने के जवाब में उनके पीएलजीए द्वारा इस हमले को अंजाम दिया गया है। हमले के दौरान अचानक ग्रामीणों की एक गाड़ी दोनों ओर की गोलीबारी के बीच फंस गई, जिसकी जद में आकर एक ग्रामीण की मौत हो गई।