Home साइंस एंड टेक्नोलॉजी एजुकेशन/करियर आचार संहिता हटने के बाद विश्वविद्यालयों में भरे जाएगें खाली पद, शैक्षणिक...

आचार संहिता हटने के बाद विश्वविद्यालयों में भरे जाएगें खाली पद, शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक पदों पर होगी भर्ती

32
भर्ती

रायपुर। आचार संहिता हटते ही राजकीय विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भर्ती का पिटारा खुलेगा। शैक्षणिक और अशैक्षणिक पदों की भर्ती से पहले आरक्षण को लेकर देश भर में चल रहे विश्वविद्यालयों के विवाद पर अब यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) की नई गाइड लाइन के हिसाब से भर्ती होगी। विश्वविद्यालयों में डिपार्टमेंट के बजाय विवि को ही यूनिट मानकर आरक्षण दिया जाएगा।

हालांकि राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार के इस अध्यादेश पर अभी तक आरक्षण को लेकर रूपरेखा तय नहीं की है। राज्य सरकार ने पहले ही कॉलेजों में भर्ती के लिए 1384 पदों पर विज्ञापन जारी कर रखा है। इसमें भी भर्ती को लेकर जो आरक्षण की नीति लागू की जाएगी उसे ही विश्वविद्यालयों में भी लागू किया जाएगा।

रविवि, केटीयू और ओपन समेत सभी में होगी भर्ती

पंडित रविशंकर शुक्ल विवि में शैक्षणिक के 100, अशैक्षणिक के 163 पद समेत 263 पद खाली हैं। दुर्ग विवि में 18 पद खाली हैं। सरगुजा विवि में शैक्षणिक पद 26, अशैक्षणिक पद 17 रिक्त हैं। बस्तर विवि में शैक्षणिक के 59 पद और अशैक्षणिक के 125 पद खाली हैं। बिलासपुर विवि में शैक्षणिक के 18 और अशैक्षणिक के 120 पद खाली हैं।

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में शैक्षणिक 38 और अशैक्षणिक 26 पद खाली हैं। पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन विवि में तीन पद खाली हैं। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विवि में यूजीसी के 12वीं के तहत शैक्षणिक पद 26 है। इन सभी विश्वविद्यालयों में भर्ती की प्रक्रिया आचार संहिता के बाद शुरू होगी।

वित्त विभाग से फिर लेंगे अनुमति

रविवि ने दो साल पहले प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों से आवेदन मंगाये गये थे। वित्त विभाग ने विवि में शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक के 78 पदों को भरने की अनुमति दो साल पहले ही दे दी थी, इस प्रक्रिया में 41 पदों को भर लिया गया है। बचे 37 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया रोक दी गई थी। अब विवि प्रबंधन का कहना है कि इन पदों पर दोबारा भर्ती करने के लिए एक बार फिर वित्त विभाग से अनुमति के लिए पत्र लिखा जाएगा।