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मुंगेली जिला बनने के बाद लोरमी के साथ एक बार फिर अनदेखी, लोरमी-पंडरिया से बाहर नई रेल लाइन बिछाने से लोगो में बढ़ा आक्रोश…

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@जितेंद्र पाठक
लोरमी- देश मे समुचित एवं सस्ता आवागमन के लिए रेल को सबसे उपयुक्त माना जाता है लेकिन यह लोरमी क्षेत्र के लिये अभिशाप होता नजर आ रहा है क्योंकि रेल्वे का नये रूट में लोरमी क्षेत्र को पूरी तरह छोड़ दिया गया है।

जिसके चलते क्षेत्रवासियों में आक्रोश पनप रहा है और पुराने प्रस्तावित रूट में रेल लाईन बनाने की मांग की जा रही है इसको लेकर उम्मीद की एक नई किरण जगी है क्योंकि लोरमी क्षेत्र के हित में पुराने रेलवे रूट में ही लाईन को बिछाने हेतु संघर्ष समिति बनाकर इसके लिए आंदोलन करने का निर्णय लिया गया है।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार रेलवे मंत्रालय के द्वारा बहुप्रतीक्षित मांग कटघोरा डोंगरगढ़ रेल लाइन को मंजूरी दिए जाने से लोरमी क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर देखी गई थी क्योंकि कटघोरा से निकलने वाली रेलवे रूट उसलापुर, तखतपुर, कंतेली, सूरजपुरा, पांडातराई, पौड़ी पंडरिया, कवर्धा और इसमें लोरमी क्षेत्र से सटे हुए कंतेली और फिर आगे सूरजपुरा होते हुए रेलवे लाइन निकलती।

जो निश्चित रूप से लोरमी क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी सौगात थी लेकिन जानकारी मिली है कि 7 दिसंबर 2017 को हुए एमओयू में उसलापुर के अलावा आगे विधानसभा पंडरिया को भी छोड़ दिया गया है।

इसको लेकर पंडरिया में जहां संघर्ष समिति बनाकर पिछले 1 महीने से समिति द्वारा आंदोलन कर पुराने रूट में रेल लाइन बिछाने की मांग की जा रही है वहीं पर संघर्ष समिति द्वारा इसको लेकर क्षेत्रवासियों से समर्थन मांगा गया है जिस पर नगर के जनप्रतिनिधियों ने पंडरिया के साथ क्षेत्र के हित में आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया है।

आर्थिक और रेलवे हित में लोरमी ब्लाक है महत्वपूर्ण रेलवे का पुराना रोड बहुत संख्यक जनभावनाओं के लिए अनुकूल था। लेकिन नए रुट में जहां जन भावनाओं की अपेक्षा की गई है वहीं इस रूट से रेलवे को आर्थिक रुप से नुकसान होने वाला है क्योंकि जिले में लोरमी ब्लॉक खनिज संपदा के साथ-साथ हर दृष्टि से बेहतर है।

इससे रेलवे को निश्चित रूप से आर्थिक राजस्व की प्राप्ति होती लेकिन नये रुट से जन भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया गया। नए रूट से लोर विधान सभा सांसद पंडरिया क्षेत्र में आम जनों की नाराजगी देखी जा रही है।

इसके लिए तीनों विधानसभा क्षेत्र संघर्ष समिति बनाकर एक साथ आंदोलन करने की तैयारी की जा रही है। लोरमी के साथ-साथ पंडरिया ब्लाक रेलवे को राजस्व देने वाला क्षेत्र हो सकता है क्योंकि इस क्षेत्र में गन्ने के साथ साथ बॉक्साइट भी पाया जाता है।

10 साल पहले नगर में बनी थी रेलवे संघर्ष समिति –
लोरमी में रेल को लाने के लिए पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में वर्ष 2018 में रेलवे संघर्ष समिति का गठन किया गया था। समिति द्वारा एक माह तक चरणबद्ध आंदोलन किया गया।

ज्ञापन के साथ-साथ समिति द्वारा मांगों को लेकर महाप्रबंधक से भी मिले थे वहां आश्वासन मिलने पर संघर्ष समिति ने आंदोलन स्थगित किया उस समय सर्वे हुआ था। जिसमें रेलवे लाइन से सटे हुए मालपुर से निकल निकल रही थी लेकिन वर्तमान में रूट में कई खामियां है। आम जनता का समर्थन देने का निर्णय लिया साथी आगामी तिथि को होने वाले सर्वदलीय बैठक में निर्णय के बाद अपनी मांगों को जोड़ने की बात कही।

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