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मनेंद्रगढ़ केंद्रीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं का अंबार, शिक्षकों की अनुपस्थिति से बच्चों व अविभावकों में गुस्सा

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मनेंद्रगढ़ केंद्रीय विद्यालय में अव्यवस्थाओं का अंबार, शिक्षकों की अनुपस्थिति से बच्चों व अविभावकों में गुस्सा

कोरिया। मनेंद्रगढ़ क्षेत्र की सबसे अच्छी शैक्षणिक संस्था माना जाने वाला केंद्रीय विद्यालय रेलवे मनेंद्रगढ़ इस समय अपने अस्तित्व को खोता नजर आ रहा है। केंद्रीय विद्यालय के स्टाफ अथवा स्कूल के शैक्षणिक स्तर के बारे में शहर के किसी भी कोने में खड़े होकर किसी से भी अगर पूछा जाए तो वह नेगेटिव ही उत्तर देते नजर आते हैं। पालक यह सोचने को मजबूर हो रहा है कि आखिर केंद्रीय विद्यालय मनेंद्रगढ़ रेलवे की कब सुधरेगी। इस प्रकार या विद्यालय धीरे-धीरे अपने अस्तित्व को खोता चला जा रहा है।

एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा विभाग को देश के विकास में अग्रणी भूमिका में ले जाने के लिए प्रयत्नशील है उन्होंने पूरे देश भर में किसी भी शिक्षण संस्था को किसी प्रकार की कोई कमी महसूस नहीं होने दी, खासकर बच्चियों के शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया और भारतवर्ष की जनता को इन बातों से महसूस कराया अगर आप अपनी बच्ची को पढ़ाते हैं तो वह अपना ही नहीं दूसरे के घर को भी रोशन करती है। जिसके परिणाम स्वरूप शिक्षा के क्षेत्र में देश अग्रणी होते देखा जा रहा हैं।

ठीक इसके विपरीत कुछ शैक्षणिक संस्थान प्रधानमंत्री की इन योजनाओं मे पानी फिरते नजर आ रही हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण कोरिया जिला के रेलवे क्षेत्र में संचालित केंद्रीय विद्यालय रेलवे अपनी अस्तित्व को खोते नजर आ रहा है किसी भी विद्यालय की शिक्षा दीक्षा उस विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों के ऊपर निर्भर करता है परंतु अगर विद्यालय ही प्राचार्य विहीन हो शिक्षकों की कमी हो अथवा यूं कहें उसे स्कूल में शिक्षक विद्यार्थियों के विकास के ऊपर ध्यान न देकर मात्र अपनी उपस्थिति दर्ज कर वेतन प्राप्त करने में लगे हुए हो तो विद्यालय अपने अस्तित्व को नहीं बचा पाएगा।

शिक्षक हमेशा स्कूल से नदारद

केंद्रीय विद्यालय में पदस्थ कुछ शिक्षक हमेशा स्कूल से नदारद रहते हैं। स्कूल प्रबंधन द्वारा यह कभी नहीं देखा गया कि वह अपना विषय कब-कब क्लास में जाकर बच्चों को पढ़ाते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पता चला है कि लगभग 7 वर्ष पूर्व मनेंद्रगढ़ रेलवे केंद्रीय विद्यालय में पदस्थ हुए एक शिक्षक जिस स्कूल से यहां पदस्थ होकर आए थे उसी स्कूल में इनके कार्यों के प्रति संतुष्ट न होने के कारण गलत शिकायत के कारण का स्थानांतरण किया गया था।

मनेंद्रगढ़ रेलवे निवासी समाजसेवी श्री दास ने उक्त पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय विद्यालय रायपुर चेयरमैन एवं कलेक्टर कोरिया को प्रेषित करते हुए तत्काल निराकरण करने की मांग की है ताकि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की स्थिति में सुधार आ सके।