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बैंक कर्मियों के रूखे व्यवहार से खातेदार हो रहे परेशान, सोशल मीडिया में स्टेट बैंक के कर्मचारियों के रूखे व्यवहार के खिलाफ जमकर चल रहा ट्रेंड

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सोशल मीडिया में स्टेट बैंक

दिनेश गुप्ता, गीदम. नगर के भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के कर्मचारियों व अधिकारियों के रूखे व्यवहार से नगर के आमजन व आसपास के क्षेत्र के ग्रामीण उपभोक्ता त्रस्त हो चुके है। उपभोक्ताओं का बैंक कर्मियों पर आरोप है की राशि निकासी व राशि जमा करने के लिये घंटो लाइन में खड़ा रहना पड़ता हैं। और ग्रामीणों उपभोक्ताओं के द्वारा निकासी व जमा पर्ची गलत भरे जाने पर बैंक कर्मियों द्वारा उनके साथ काफी रूखा व्यवहार किया जाता है।कभी कभी तो गलत पर्ची भरे जाने पर लाइन बहुत लम्बी होने के कारण उपभोक्ताओं को बिना लेन – देन किये वापस लौटना पड़ता हैं।

इस समय तेंदूपत्ता संग्राहकों के मानदेय को शासन द्वारा चेक के माध्यम से भुगतान दिया गया है। अपने मानदेय के भुगतान के लिये दूर – दूर के गांवों से ग्रामीण बड़ी संख्या में नगर के भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पहुचते हैं। लेकिन एकल खिड़की द्वारा भुगतान होने के कारण पहुचे सभी ग्रामीणों को भुगतान नही मिल पाता हैं।

बीजापुर कारली से पहुचे गुड्डी ने बताया कि वह दो दिन से पैसे के लिये सुबह से ही बैंक पहुच कर लाइन लगा रहा है लेकिन उसका नंबर आने तक बैंक बंद हो जाता है और उसे भुगतान प्राप्त नही हो पा रहा है। ऐसे ही सैकड़ों ग्रामीण दूर – दूर के अंचलों से नगर स्थित स्टेट बैंक शाखा पहुचते है लेकिन शाम तक उनका नम्बर नही आने पर उन्हें मायूस होकर खाली हाथ ही लौटना पड़ता है।

इससे पहले भी स्टेट बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं लेकिन आज तक उनका कोई ठोस निराकरण नही हुआ। ग्राहक हमेशा ही स्टेट बैंक के कामकाज से असंतुष्ट रहे है। लेकिन उनके पास विकल्प सीमित होने के कारण अपने बात बड़े स्तर तक नही पहुचा पाते हैं। इससे पहले भी बैंक परिसर में जगह कम होने की बातों को नगर के लोगो ने प्रमुखता से उठाया था लेकिन उनकी बातो पर कोई ध्यान नही दिया गया।

वही मुख्य मार्ग में बैंक के स्थित होने के कारण बैंक पहुचने वाले लोगो के वाहनों के लिये पार्किंग की व्यवस्था नही होने के कारण मुख्य मार्ग में जाम लग जाता हैं। इस बार नगर के लोगो ने सोशल मीडिया के जरिये भी बैंक की अव्यवस्थाओ को दूर करने के लिये बीड़ा उठाया है अब देखना है कि लोगो की बातों का कितना असर बैंक प्रशासन पर पड़ता हैं।

इस संबंध में भारतीय स्टेट बैंक गीदम के मैनेजर अभिलेख राठौर से बात की गयी तो उनका कहना है कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिये सप्ताह में दो दिन बुधवार व गुरुवार रखे गये है प्रत्येक दिन 300 से 400 लोगो को भुगतना किया जा रहा है। हमारी हर संभव कोशिश रहती है कि लोगो के भुगतान का शीघ्र निराकरण किया जाये। और नगर के लोगों द्वारा लगाये जा रहे आरोप मिथ्या है काउंटर नंबर दो में कोई भी व्यक्ति आसानी से अपना कार्य करवा सकता है।