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अगले साल से परीक्षा शुल्क बढ़ाएगा सीबीएसई

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सीबीएसई

रायपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से पढ़ाई कर रहे बच्चों के पालकों को अगले साल से पढ़ाई महंगी हो सकती है। सीबीएसई अगले साल से विषयों का परीक्षा शुल्क बढ़ा सकता है। बोर्ड ने इसके लिए संकेत दिया है। जानकारी के मुताबिक प्रश्नपत्रों के मूल्यांकन में तेजी लाने के लिए कहा गया है। यह कोशिश करेंगे कि मई के तीसरे हफ्ते में 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षा के नतीजे घोषित कर दें।

जानकारी के मुताबिक बोर्ड सभी छात्रों से प्रति विषय 750 रुपये परीक्षा शुल्क लेता है। इसमें प्रश्न पत्रों को छापने, उत्तरपुस्तिका छात्रों को देने, नतीजे की प्रक्रिया व अन्य खर्च शामिल हैं। बोर्ड की तरफ से देशभर में परीक्षा के आयोजन पर करीब 350 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। भविष्य में प्रति विषय परीक्षा शुल्क बढ़ाया जा सकता है।

प्रश्नपत्रों के मूल्यांकन की प्रक्रिया 14 मार्च से शुरू की गई, जोकि 14 अप्रैल तक चलेगी। देश भर के 2 लाख मूल्यांकनकर्ता एक करोड़ 70 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे। हमने 3500 मूल्यांकनकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। वे परीक्षा केंद्रों में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए नहीं पहुंचे थे। इसमें से दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय को भी 200 से ज्यादा शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नोटिस भेजा गया है।

निदेशालय से कहा गया कि वह जांच करे कि ये शिक्षक किन कारणों से मूल्यांकन के लिए नहीं पहुंचे थे। हम इन सभी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा सकते हैं। संबद्ध स्कूलों के प्रधानाचार्य उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन करने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाते हैं। इन शिक्षकों को स्कूलों के कामकाज से छूट दी जाती है। काम में सहयोग न करने वाले 15 स्कूलों को भी नोटिस भेजा गया है।

12वीं के सभी विषयों की बोर्ड परीक्षा 80 अंकों को होगी

राजधानी के स्कूल संचालकों के मुताबिक बोर्ड ने संबद्ध सभी स्कूलों को यह सूचना दे दी है कि वर्ष 2020 से 12वीं के सभी विषयों के प्रश्नपत्र 80 अंकों के आएंगे। वहीं, 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल असेसमेंट) के होंगे। आंतरिक मूल्यांकन स्कूल स्तर पर शिक्षक व बोर्ड के अधिकारी करेंगे। अभी तक 12वीं के कुछ विषयों में 80 अंकों का बोर्ड का पेपर होता था, अगले साल से यह व्यवस्था सभी विषयों के लिए लागू हो जाएगी।