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विधानसभा में बीजेपी को मिली करारी हार, अब सता रहा है उन्हें लोकसभा चुनाव का डर

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विधानसभा में बीजेपी को मिली करारी हार, अब सता रहा है उन्हें लोकसभा चुनाव का डर

2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने दुर्ग को छोड़कर सभी 10 लोकसभा सीट पर जीत का परचम लहराया था

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना कर रही भाजपा को लोकसभा चुनाव हारने का डर सताने लगा है. उसकी वजह भी साफ है कि कांग्रेस ने भाजपा का सूपड़ा साफ करते हुए 68 सीट में बंपर जीत दर्ज की है. अगर ये वोट प्रतिशत लोकसभा चुनाव में कांग्रेस बरकरार रखने में कामयाब होती है तो भाजपा को 11 में से दस सीटों पर हार का सामना करना पड़ सकता है. जबकि 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने दुर्ग को छोड़कर सभी 10 लोकसभा सीट पर जीत का परचम लहराया था.

विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा को लोकसभा चुनाव में पर्फार्मेंस की चिंता सताने लगी है. विधानसभा में 15 सीट जीतने वाली भाजपा के अंदर चिंता इस बात की है कि लोकसभावार मतदाता प्रतिशत में बिलासपुर को छोड़कर सभी 10 लोकसभा सीट पर भाजपा 65 हजार वोट से लेकर 2 लाख से ज्यादा वोट के अंतर से पिछड़ गई है ऐसे में भाजपा को 2014 की स्थिति बरकरार कर पाना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है.

 एक नजर लोकसभा वार 2014 और 2018 में कांग्रेस और भाजपा के मिले वोट के अंतर पर-

रायपुर लोकसभा में 2014 में भाजपा को कांग्रेस की तुलना में 1,71,646 वोट ज्यादा मिले थे. वहीं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भाजपा से 91863 वोट ज्यादा मिले हैं. महासमुंद लोकसभा में 2014 में भाजपा को महज 1217 वोट ज्यादा मिले थे. वहीं विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भाजपा की तुलना में 2,31,496 वोट ज्यादा मिले हैं.

बस्तर में लोकसभा चुनाव में 2014 में भाजपा को कांग्रेस से 1,24,359 वोट ज्यादा मिले थे ये अंतर उलट गया है कांग्रेस को 1,09,253 वोट भाजपा से ज्यादा मिले हैं. कांकेर लोकसभा में भाजपा को 2014 में 35,158 वोट के मार्जिन से जीत मिली थी, लेकिन 2018 को विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भाजपा से 2,38,902 वोट ज्यादा मिले हैं जिसे पाटना बेहद मुश्किल है

सरगुजा लोकसभा चुनाव में भाजपा को कांग्रेस से 1,47,236 वोट ज्यादा मिले थे, लेकिन  विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भाजपा से 2,27,958 वोट ज्यादा मिले हैं. रायगढ़ लोकसभा में 2014 में भाजपा को 2,16,750 वोट ज्यादा मिले थे. वहीं 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भाजपा से 1,97,759 वोट ज्यादा मिले हैं.

 जांजगीर चांपा लोकसभा में 2014 में भाजपा को कांग्रेस से 1,74,961 वोट ज्यादा मिले थे. वहीं विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस को भाजपा से 94,452 वोट ज्यादा मिले हैं. कोरबा लोकसभा में 2014 में भाजपा को कांग्रेस से महज 4,265 वोट से जीत मिली थी वहीं विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस को भाजपा की तुलना में 65,903 वोट ज्यादा मिले हैं.

बिलासपुर लोकसभा में 2014 में भाजपा को कांग्रेस की तुलना में 1,76,436 वोट मिले हैं. वहीं विधानसभा चुनाव में ये अंतर घटकर महज 9,969 वोट बचे हैं. बिलासपुर एक मात्र सीट है जहां पर भाजपा को कांग्रेस ज्यादा वोट मिले हैं. राजनांदगांव लोकसभा में 2014 में भाजपा को कांग्रेस की तुलना में 2,35,911 वोट ज्यादा मिले थे वहीं 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भाजपा से 1,51,049 वोट ज्यादा मिले हैं.

दुर्ग लोकसभा 2014 में कांग्रेस एक मात्र दुर्ग लोकभा महज 16,848 वोट से अंतर से जीती थी जो अंतर 2018 विधानसभा परिणाम में बढ़ कर 1,13,810 वोट हो गया है. कोरबा लोकसभा में 2014 में भाजपा कांग्रेस का दावा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 11 में 11 सीट पर जीत दर्ज करेगी.