Home देश आर्टिफिशियल सिस्टम पर विचार कर रहे हैं सीजेआई, आखिर ऐसा क्यों…पढ़िए पूरी...

आर्टिफिशियल सिस्टम पर विचार कर रहे हैं सीजेआई, आखिर ऐसा क्यों…पढ़िए पूरी खबर

7
आर्टिफिशियल सिस्टम

बेंगलुरू। न्याय में बेवजह की देरी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे अदालतों में आर्टिफिशियल सिस्टम लागू करने की संभावनाएं खंगाल रहे हैं। उन्होंने बेंगलुरू में न्यायिक अधिकारियों के सम्मेलन में यह बात कही। अदालतों में बड़ी संख्या में लंबित मुकदमों के मद्देनजर उनकी टिप्पणी अहम है। चीफ जस्टिस ने साफ किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जजों की जगह नहीं लेगा। सिर्फ फैसले के दोहराव वाले, मैथेमेटिकल और मैकेनिकल हिस्सों के लिए इसकी मदद ली जा सकती है।

सीजेआई ने कहा- कई बार जज भी मुझसे इस तकनीक को लाने पर सवाल कर चुके हैं। मैं साफ करना चाहता हूं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानी जजों की जगह नहीं लेने जा रहा। यह इंसानी विवेक की जगह नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि अदालतों के लिए यह सुनिश्चित करना अहम है कि न्याय मिलने में बेवजह देरी न हो। इस मकसद से अदालतों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित करने की संभावनाएं हैं।

जल्दी न्याय मिले, यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी

हमारे पास जो भी प्रतिभाएं और कौशल हैं, उनका इस्तेमाल करके सुनिश्चित करना चाहिए कि एक उचित समय के भीतर लोगों को न्याय मिले। न्याय में देरी किसी भी व्यक्ति के कानून हाथ में लेने की वजह नहीं होनी चाहिए। चीफ जस्टिस ने केस दायर किए जाने से पहले मध्यस्थता की व्यवस्था की भी जोरदार पैरवी की। उन्होंने कहा कि यह आज के वक्त की जरूरत है।