नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है। इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे छह दोषियों की समय से पहले रिहाई की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने मान लिया है। शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने नलिनी श्रीहरन और आरपी रविचंद्रन समेत छह दोषियों की समय से पहले रिहाई का आदेश सुनाया है।
बता दें कि नलिनी व रविचंद्रन ने समय से पहले रिहाई को लेकर शीर्ष अदालत का रुख किया था। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि मामले के दोषियों में से एक एजी पेरारिवलन के मामले में शीर्ष अदालत का फैसला उनके मामले में भी लागू होता है। दरअसल, शीर्ष अदालत ने 18 मई को पेरारिवलन को रिहा करने का आदेश दिया था। उन्होंने जेल में 30 साल से अधिक सजा काटी थी।
इससे पहले इस मामले में न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने मामले को आज के लिए स्थगित कर दिया था। दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने राजीव गांधी हत्याकांड के दोषियों नलिनी श्रीहरन और आरपी रविचंद्रन की समय से पहले रिहाई का समर्थन करते हुए कहा था कि उनकी उम्रकैद की सजा के लिए 2018 की सलाह राज्यपाल पर बाध्यकारी है।