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लोकसभा स्पीकर को लेकर गहराया सस्पेंस, दौड़ में ये नाम

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लोकसभा स्पीकर

नई दिल्ली। केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद अब संसद के सत्र की तारीख भी नजदीक आ रही है। इस बीच, यह सवाल बना हुआ है कि लोकसभा स्पीकर कौन बनेगा? दौड़ में कई नाम हैं। आमतौर पर जो सबसे वरिष्ठ सांसद होता है, उसे यह जिम्मेदारी दी जाती है। इस लिहाज से मेनका गांधी का नाम सबसे आगे है। भाजपा के 303 सांसदों में मेनका गांधी सबसे सीनियर हैं। वे पहली बार नौवीं लोकसभा में चुनकर आई थीं और इस जीत के बाद बतौर सांसद उनका आठवां कार्यकाल शुरू हुआ है।

हालांकि भाजपा ने इस पद के लिए मेनका के नाम आगे बढ़ाने पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। मेनका के अलावा वीरेंद्र कुमार, एएस आहलूवालिया, राधा मोहन सिंह और नंदकुमार सिंह चौहान के नाम भी लोकसभा स्पीकर की दौड़ में हैं। वैसे यह तय माना जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष भाजपा से ही होगा, वहीं डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी एनडीए के किसी सहयोगी को मिल सकती है।

वीरेंद्र कुमार सातवीं बार जीतकर सांसद बने हैं। वे मध्यप्रदेश की टीकमगढ़ सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने इस सीट पर पहली बार 1996 में जीत दर्ज की थी। पिछली मोदी सरकार में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया था, इस बार मंत्रियों की लिस्ट में उनका नाम नहीं था।

आहलूवालिया को संसद के कामकाज का अच्छा अनुभव

एसएस आहलूवालिया के बारे में कहा जाता है कि उन्हें संसद के कामकाज का अच्छा अनुभव है। 1986 में राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया गया था। हालांकि बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। 2014 में वे दार्जिलिंग लोसकभा सीट से चुनाव लड़े थे और जीते थे। राज्यसभा में उन्होंने भाजपा के डिप्टी लीडर की भूमिका निभाई थी। साथ ही कुछ समय के लिए संसदीय कार्य राज्यमंत्री के रूप में भी सेवाएं दी थीं।

राधामोहन और नंदकुमार भी दौड़ में

2019 के लोकसभा चुनाव में छठी बार चुनकर आने वालों में पूर्व कृषिमंत्री राधा मोहन सिंंह और नंद कुमार सिंह चौहान के नाम शामिल हैं। राधा मोहन सिंह इस बार पूर्वी चम्पारन से जीतकर आए हैं। वहीं नंद कुमार सिंह मध्यप्रदेश में भाजपा अध्यक्ष रह चुके हैं और इस बार खंडवा से जीतकर आए हैं। एजेंसी