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तेंदुआ की धमक से डरा गांव, 30 घंटे तक ग्रामीणों को रखा दहशत में, दो ग्रामीणों को किया घायल,वन अमले को छकाकर भागा जंगल

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तेंदुआ की धमक से डरा गांव, 30 घंटे तक ग्रामीणों को रखा दहशत में, दो ग्रामीणों को किया घायल,वन अमले को छकाकर भागा जंगल

@उमाशंकर शर्मा
राजनांदगांव।
अम्बागढ़ चौकी विकासखण्ड के ग्राम घोरदा में मंगलवार सुबह 6 बजे के आसपास तेंदुआ ने गाँव मे दस्तक दी, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बताया कि अचानक गांव के फगनुराम के घर के पीछे तेंदुआ आ धमका। जैसे ही घर पर मौजूद फगनुराम की पत्नी ने तेंदुआ को देखा तो अपनी जान बचाते हुए घर के पीछे का दरवाजा बंदकर भर भागीऔर गांव के लोगों को सूचना दी। ग्रामीणों को तेंदुआ के आ धमकने की सूचना मिली तेंदुआ को देखने पूरा गांव और आसपास के लोगों का जमावड़ा लग गया। ग्रामीणों की भीड़ को देखते हुए तेंदुआ बौखला गया और घर से बाहर निकलते हुए गांव के ही ग्रामीण कलेस राम और भोजराम के ऊपर हमला कर दिया, जिससे दोनों के हाथ और पैरो में चोटे आई। तेंदुआ उनको घायल कर घर से लगे खेत मे महुआ के पेड़ पर चढ़कर घंटो बैठा रहा। तेंदुआ फिर उसी घर में जा घुसा। इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस विभाग को दी गई। वन विभाग का अमला गांव पहुंचा। तेंदुआ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया पर तेंदुआ को पकड़ने में वन विभाग को सफलता नहीं मिली।
अंबागढ़ चौकी वन विभाग के पास रेस्क्यू के लिए नहीं है साधन
इस तेंदुआ को पकड़ने के लिए अंबागढ़ चौकी वन विभाग पास रेस्क्यू ऑपरेशन करने के लिए उचित कोई भी साधन नहीं है। जब इस तरह की इस क्षेत्र में घटना होती है तो रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इनके पास ना पिंजरा है, ना जाली और ना ही जानवर को बेहोश करने वाला बंदूक। जब इस तरह की घटना होती है तो राजनांदगांव वन विभाग से पिंजरा मंगवाया जाता है और यहां से 60 किलोमीटर से ज्यादा दूरी होने के कारण घटना वाली जगह पहुँचने में घण्टों समय लगता है। इससे पहले भी ख़ुर्शीटिकुल गांव में भालू को पकड़ने में सुबह से शाम हो गई थी। शाम को इस तेंदुआ ने एक ग्रामीण को घायल कर दिया, जिसे वह वन विभाग की जीप से हॉस्पिटल पहुंचाया गया।
डीएफओ और विधायक पहुंचे घोरदा
सोमवार रात डीएफओ राजनादगांव व विधायक तेजकुँवर नेताम घोरदा ग्राम पहुँचे। वस्तुस्थिति का जायजा लिया। डीएफओ रात में यही ग्राम में ही मौजूद थे।
वन विभाग की लेटलतीफ के चलते ग्रामीणों में आक्रोश
तेंदुआ को पकड़ने में वन विभाग की लेटलतीफ को देखते हुए ग्रामीणों में आक्रोश की स्थिति पैदा हो गई। इसके चलते गांव के ग्रामीणों और वन विभाग के कर्मचारियों के बीच झूमाझटकी हो गई। ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया गया ।
नहीं पकड़ाया तेंदुआ, भागा जंगल
मंगलवार सुबह जब रेंजर एसपी नायक से फोन में बात हुई। उनका कहना था कि वन विभाग और पुलिस व नंदनवन के कर्मचारियों द्वारा रात भर तेंदुआ को पकड़ने की कोशिश की गई। रात को तेंदुआ गांव को छोड़ कर जंगल की ओर भाग गया। अब सब सुरक्षित है और जंगल में सर्चिंग जारी है ताकी दोबारा तेंदुआ गांव में न आए।