Home क्राइम करोड़ों का चुना लगाने वाला श्योर मार्ट का डायरेक्टर गिरफ्तार

करोड़ों का चुना लगाने वाला श्योर मार्ट का डायरेक्टर गिरफ्तार

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श्योर मार्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में करोड़ों का चूना लगाकर फरार हो जाने वाले श्योर मार्ट के डायरेक्टर राजेश मिश्रा एवं चेयरमेन दीनदयाल सोनी को ढूंढ निकालने में पुलिस कामयाब रही। रांची में मिश्रा की गिरफ्तारी हुई। दोनों को रायपुर लाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राजेश मिश्रा की धोखाधड़ी की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंची थी। मुख्यमंत्री ने इसे संज्ञान में लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अफसरों को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

जानकारी के मुताबिक श्योर मार्ट का डायरेक्टर राजेश मिश्रा छत्तीसगढ़ के अलग-अलग स्थानों पर रह रहे लोगों को करीब 85 करोड़ के आसपास चुना लगा चुका है। राजधानी रायपुर में ही उसने दो दर्जन से ज्यादा कारोबारियों से 10 करोड़ की ठगी की। न्यू राजेन्द्र नगर थाना प्रभारी अजयशंकर त्रिपाठी ने बताया कि मिश्रा व सोनी की गिरफ्तारी के लिए हमारी टीम पिछले कई दिनों से वर्क कर रही थी।

इस बीच सुराग मिला कि दोनों आरोपी झारखंड की राजधानी रांची में छिपे बैठे हैं। ठिकाने पर जाकर पुलिस ने कल दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम दोनों आरोपियों को लेकर आज दोपहर या शाम तक रायपुर पहुंच जाएगी। उल्लेखनीय है कि 11 मई को दावड़ा कॉलोनी निवासी चंद्रशेखर साहू ने न्यू राजेन्द्र नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि राजेश मिश्रा ने आरंग में श्योर मार्ट की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये लिए थे। फ्रेंचाइजी तो मिली नहीं मिश्रा जरूर फरार हो गया।

रकम दोगुना करने का देते थे आश्वासन

श्योर मार्ट कंपनी का वादा था, जितना इन्वेस्टमेंट करोगे उसका दुगुना करके दिया जाएगा। ऑफर इतना लुभावना था कि लोगों ने एक लाख से लेकर 4 करोड़ तक कंपनी में लगा दिए। नवंबर 2018 के पहले सप्ताह तक लोगों के खाते में किश्तों में थोड़ी-थोड़ी रकम आती रही, फिर अचानक आना बंद हो गई। इसके बाद न सिर्फ राजधानी रायपुर बल्कि छत्तीसगढ़ के दूरदराज क्षेत्रों के पीड़ित लोगों ने कंपनी के दफ्तर में धावा बोलना शुरु किया।

कंपनी के डायरेक्टर राजेश मिश्रा से लेकर चेयरमेन दीनदयाल सोनी, मैनेजर प्रफुल्ल चौधरी, टीम लीडर विक्रम सिंह ठाकुर, राजेन्द्र कौशिक एवं अभय कुंडले प्रभावित लोगों को आश्वासन देते रहे थे कि जल्द खाते में पैसे आने शुरु हो जाएंगे। इस तरह देखते देखते पांच महीने बीत गए। कंपनी में 16 लाख रुपये जमा कराने वाले देवेन्द्र नगर के सुरेन्द्र प्रीतवानी ने सबसे पहले 9 अप्रैल को न्यू राजेन्द्र नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।