66 साल पुरानी तोड़ी गई स्कूल प्रांगण की बाउंड्री वॉल, मंच शेड, बनवाने के लिए प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान

@ रवि भूतड़ा
मवेशियों और असामाजिक तत्वों के चलते विद्दार्थियों और शिक्षकों को हो रही भारी परेशानी
बालोद।
24 मई को विकास यात्रा के दौरान जिले के अर्जुन्दा नगर पंचायत में सीएम डॉ.रमन सिंह का आगमन हुआ था। उस दौरान उनका सभा स्थल नगर के आदर्श शासकीय भारतीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में बनाया गया था। स्कूल के अंदर की आहता (बाउंड्री वॉल) को तोड़ा गया था और बाहर की बाउंड्री वॉल को बीच-बीच से प्रवेश द्वार बनाने 7 जगहों से तोड़ा गया था। इतना ही नहीं मंच के ऊपर की शेड को भी तोड़ा गया था। बावजूद अभी तक प्रशासन ने इसे नहीं बनवाया हैं, जिसके चलते स्कूल चारों तरफ से खुला हो गया हैं और स्कूल असामाजिक तत्वों का डेरा बन गया हैं।

साथ ही मवेशी भी स्कूल परिसर में आकर गंदगी फैला रहे हैं। इसके चलते रोजाना सुबह स्कूल में पदस्थ भृत्य को साफ सफाई करनी पड़ती हैं। प्राचार्य पी.भट्टाचार्य ने बताया की बाउंड्री वॉल को बनवाने शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी विभाग एवं गुंडरदेही एसडीएम के पास भी आवेदन दिया जा चुका हैं पर विकास यात्रा को तीन माह पूरे होने बाद भी इस बाउंड्री वॉल को नहीं बनवाया गया हैं। जबकि पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों द्वारा उक्त आहता को तोड़ते समय यह बोला गया था की इसे सीएम के जाने के तुरंत बाद बनवा देंगे, किन्तु आज तक नहीं बनवाया गया है। आहता (बाउंड्री वॉल) नहीं होने की वजह से रोजाना स्कूल परिसर में शराब की बोतलें भी पाई जाती हैं। मवेशी यहां आकर गंदगी फैला रहे हैं, जिसके चलते बच्चो सहित शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। बता देंं की इस स्कूल में नवमीं से लेकर बारहवीं के 415 विद्यार्थी अध्ययन करते हैं।

शिक्षा का मंदिर बना आसामाजिक तत्वों का डेरा

नगर पंचायत अर्जुन्दा के अध्यक्ष हरीश चंद्राकर ने बताया की उनके द्वारा भी पीडब्ल्यूडी विभाग को तोड़े गए सभी बाउंड्री वॉल को बनाने व मंच के शेड को भी बनाने कहा गया हैं पर अब तक उनके द्वारा उसे पूर्ण नहीं किया गया हैं। सामने 15 अगस्त हैं। मंच में शेड नहीं होने के कारण 15 अगस्त में होने वाले आयोजन में दिक्कतें होंगी। नगर में होने वाले सारे आयोजन इसी स्कूल के प्रांगण में होते हैं।

66 साल पुरानी बाउंड्री वॉल और शेड को तोड़ा गया
प्राचार्य ने बताया की स्कूल भवन एवं प्रांगण में बने बाउंड्री वॉल, मंच और शेड का निर्माण 1952 में हुआ था। इतने पुराने बने धरोहर को नुकसान पहुँचाना तथा बाद में इसे सही नहीं बनवाना गलत हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग की अधिकारी ने कहां था की सीएम के जाने के बाद आहता एवं शेड निर्माण करवा दिया जाएगा, पर आज पर्यन्त तक इसे नहीं बनवाया गया हैं।