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महिला कमांडों की सीटी की आवाज़ नहीं देती सुनाई, नशामुक्ति अभियान हुआ फेल…कई महिला कमांडों के परिवारजन भी बेच रहे शराब, कर रहे अवैध वसूली

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रवि भूतड़ा/बालोद- “महिला कमांडों ने ठाना हैं नशाबंद और स्वच्छ बनाना हैं” यह नारा अब जिले की गलियों में सुनाई नहीं देता, न ही रातों को महिला कमांडों की सीटियों की आवाज़ और डंडों व पैरों के चलने की थाप सुनाई देती हैं, और न ही देर शाम तक नशामुक्ति अभियान को लेकर महिला कमांडों को गाँव की गलियों व सड़कों में देखा जा सकता हैं,

जिस उद्देश्य से बालोद जिले में महिला कमांडों का गठन किया गया था, वह उद्देश्य पूरी तरह फेल हो चूका हैं, जिसके चलते नशामुक्ति अभियान नशाखोरी में तब्दील हो चूका हैं, और आज जिले के हालात यह हैं की जिले के गाँव-गाँव में हर गली-मोहल्ले में अवैध शराब धड़ल्ले से बेचीं जा रही हैं, गौरतलब हो की महिला कमांडों के गठन के पीछे कई उद्देश्य थे, जैसे समाज में फैली बुराईयों को मिटाना, अन्धविश्वास को दूर भगाना, बेटियों को शिक्षा के लिए प्रेरित करना इसके अलावा सबसे प्रमुख उद्देश्य नशामुक्ति अभियान था, जो पूरी तरह फेल हो चूका हैं, नशामुक्ति अभियान अब नशाखोरी में तब्दील हो चूका हैं,

नशामुक्ति अभियान के तहत जिले की 12 हजार महिलाओं की टीम रात को मेहरून रंग की साड़ी व टोपी पहन, हाथों में डंडा ले गाँव की गलियों एवं सड़कों में सीटी बजाते हुए निकलती थी, जो अब देखने नहीं मिलता, और न ही सीटियां की आवाज़ सुनाई देती हैं, बता दे की जब पूर्व में महिला कमांडों की महिलायें हाथों में डंडा ले सीटी बजाते हुए निकलती थी तो नशेड़ियों में उनका खौफ हुआ करता था, जो अब नहीं रहा, क्योकि जिले के गाँव-गाँव में महिला कमांडों का जो गठन किया गया हैं, उनमे से कुछ सदस्यों के परिवार वाले ही अवैध शराब बेच नशाखोरी फैला रहे हैं, जिसके चलते महिला कमांडों का यह नशामुक्ति अभियान पूरी तरह जिले में फेल हो चूका हैं,

14 जिलों में 45 हजार महिला कमांडों का गठन-

महिला कमांडों की सयोंजक शमसाद बेगम ने बताया की प्रदेश के 14 जिलों में 45 हजार महिला कमांडों का गठन किया जा चूका हैं, जिसमे बालोद जिले में 12 हजार, दुर्ग में 10 हजार, धमतरी में 10 हजार, कवर्धा में 5 हजार, राजनांदगांव में 6 हजार एवं जांजगीर-चांपा सहित अन्य 8 जिलों में महिला कमांडों का गठन किया गया हैं, शमसाद बेगम ने CGaaj.com को बताया की महिला कमांडों का सबसे प्रमुख उद्देश्य समाज से नशे को दूर भगाना हैं, जिसके लिए हम नशामुक्ति अभियान चला रहे हैं, इसके अलावा सामाजिक गतिविधियां, अन्धविश्वास जैसे कामों को भी महिला कमांडों निस्वार्थ कर रही हैं,