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सुरगुजा संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता के अभाव से बढ़ रहा सर्पदंश से मौत का आकड़ा, ग्रामीण करते झांड़फूंक पर विश्वास

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सुरगुजा संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता के अभाव से बढ़ रहा सर्पदंश से मौत का आकड़ा, ग्रामीण करते झांड़फूंक पर विश्वास

@ दिलीप जायसवाल
अंबिकापुर।
सरगुजा संभाग में सर्पदंश की घटनाओं से हो रही मौत के आकड़े काफी चिंताजनक है। दो महीने में अब तक बीस से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि यह आकड़ा राज्य में हर साल सैकड़ों तक पहुँच जाता है। मतलब साफ है राज्य में नक्सलवाद से जितने लोंगो की मौत साल भर में नहीं हो रही उससे अधिक मौत सर्पदंश से हो रही है।
सर्पदंश से मौतों को रोकने के लिए ग्रामीण इलाकों में जागरूकता का अभाव सबसे बड़ी समस्या है। अधिकतर सर्पदंश की घटना जमीन पर सोने के दौरान होती है, आज भी ग्रामीण इलाकों में लोगों के घरों में चारपाई का अभाव है। वही घटना के बाद अस्पताल ले जाने के बजाए झाड़फूक से भी मौत के आकड़े भयावह हो रहे हैं।
राज्य में सर्पदंश से सबसे अधिक मौत जशपुर जिले में हुई है। यहां पिछले 18 सालों में एक हजार से अधिक लोगो की जान जा चुकी है। सरगुजा संभाग में भी पांच सौ से अधिक मौत इन सालो में हुई है ।औसतन हर साल दो सौ से अधिक लोगों की मौत हो रही हैै। इनमे वही आकड़े शामिल है जिनकी मौत अस्पताल में होती है। सर्पदंश से घरों में होने वाले मौत के आकड़े इसमें शामिल नहीं है क्योंकि उनका पोस्टमार्टम नहीं होता और इसकी जानकारी स्वास्थ विभाग नहीं पहुँच पाती।
करैत सर्प के काटने से सबसे अधिक मौत हो रही है। वही गावों में झाड़फूक से बैगा, गुनिया सर्पदंश के मरीजों को बचाने का दावा करते हैं, लेकिन वे उन पीड़ितों को ही ठीक कर पाते हैं, जिन्हे जहरीला या करैत सांप ने नहीं डसा होता है।
हालांकि सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नैक वेनम पर्याप्त संख्या में भंडारित किया गया है। स्वास्थ विभाग के अधिकारियो का कहना है कि जब तक गाँव के लोग सर्पदंश के तत्काल बाद इलाज के लिए हॉस्पिटल नहीं लाएंगे तब तक सर्पदंश से मौत के आकड़े कम नहीं होंगे।
ग्रामीण इलाकों में बिजली का अभाव
रात के समय एक तो गावों में गरीब तबके के लोग जमीन पर सोते है तो दूसरा बिजली ही गुल रहती है। इसके कारण लोग देख ही नहीं पाते और सांप घरों में प्रवेश कर जाते है और डंस लेते हैं। इसके बाद ग्रामीण समझ नहीं पाते कि सांप ने काटा है या किसी दूसरे कीड़े ने। ऐसे में बारिश के दिनों में बिजली बेहद जरूरी है।
खेतो में जाएं गमबूट पहनकर
सर्पदंश से बचने के लिए किसानों को खेत में गमबूट पहनकर जाना चाहिए। वहीं घर या खेत के आसपास फोरेट का छिड़काव कर देने से साँप उसकी गंध से भाग जाते हैं।