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धोधा सरपंच के खिलाफ निकला कारण बताओ नोटिस, शौचालय के कार्यों में हुआ था फर्जीवाड़ा

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@विनोद नामदेव

गंडई पंडरिया। ग्राम पंचायत धोधा के ग्रामीणों ने बीते कुछ माह से पंचायत में हो रहे गलत कार्यों, शौचालय निर्माण में धांधली और सरपंच की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसके लिए उन्होंने लगातार अधिकारियों के पास लिखित में शिकायतें भी की। जिसके चलते धोधा सरपंच को ​कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बताते चलें कुछ दिन पहले दर्जनों ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ के पास लिखित शिकायत लेकर गए थे। उनका आरोप था कि मनरेगा के तहत करवाये गए शौचालय निर्माण के भुगतान में सरपंच द्वारा मनमानी की जा रही है।

एसडीएम हेमन्त मत्स्यपाल गंडई का इस मामले पर कहना है कि 08 तारीख को यानी आज पेशी था परंतु सरपंच नही आया एक हफ्ते बाद पुनः एक मौका और देते हुए पेश होने लेटर जारी किया जायेगा।

जिला सीईओ ने मामले को गंभीरता से लेतेह हुए गंडई के एसडीएम हेमन्त मत्स्यपाल को इस मामले पर पत्र व्यवहार कर जाँच करने का आदेश दिए। इसपर गंडई के एसडीएम ने कार्रवाई करते हुए धोधा के सरपंच को उक्त मामले में जवाब प्रस्तुत करने और एसडीएम आॅफिस में उपस्थित होने का निर्देश दिया।

ग्रामीणों ने इन कारणों से की थी शिकायत

जानकारी अनुसार मनरेगा अंतर्गत 04 परिवारों को मटेलियल राशि 9100 रूपये में से निर्माण पश्चात् 4-4 हजार रूपये दी गई है। वहीं 17 परिवारों को राशि का भुगतान नही किया गया है। स्वीकृत परिवारों में 700 धमेला गिट्टी,02 बोरी सीमेंट,20 धमेला रेत,06 धमेला गिट्टी एवं 01 दरवाजा का वितरण किया गया है। ग्राम में 08 शौचालय अपूर्ण है। जिसमें हितग्राहियों द्वारा सेप्टिक टैंक निर्माण कर शौचालय अपूर्ण रखा गया है। 9100 सौ के एवज में 4000 हजार भुगतान करने पर हितग्राहियो द्वारा हिसाब पूछे जाने पर सरपंच द्वारा कहा जाता है कि फोकट का पैसा है लेना है तो लो अन्यथा वह भी नही मिलेगा का जवाब दिया गया है। कुछ हितग्राहियो ने स्वमं की समाग्री से शौचालय का निर्माण किया है पंचायत द्वारा पूर्ण भुगतान किसी को नही किया गया है। 34 परिवारों को केवल 4 हजार रूपये भुगतान हुआ है। उक्त शिकायत के साथ लिखित आवेदन जिला पंचायत सीईओ को ग्रामीणों ने दिया था।

हरे भरे पेड़ काटने पर कार्यवाही

वहीं सरपंच द्वारा बिना प्रस्ताव के ही दो नग हरे भरे पीपल के पेड़ को काट दिए गए थे। जिस पर उक्त सरपंच के खिलाफ पुर्व में भी कार्यवाही एसडीएम द्वारा किया गया था।

शौचायल की राशि कम भुगतान पर पूर्व में भी की थी शिकायत

शौचालय के भुगतान में सरपंच सचिव द्वारा कम भुगतान एवं भुगतान नही किये जाने पर ग्रामीणों ने लोक सूराज अभियान के तहत लगाये गए कैम्प जो की ठंडार में लगाया गया था में लिखित शिकायत किये थे ।लोक समाधान शिविर बकरकट्टा में दोबारा आवेदन दिए थे इसके अलावा जनपद पंचायत छुईखदान में भी लिखित शिकायत किये थे ।

मनरेगा के तहत सभी ग्राम पंचायतों को शौचालय निर्माण करवाने का कार्य दिया गया था चुकी पुरे प्रदेश को शौच मुक्त बनाना था इसलिए इस मामले को गंभीरता के साथ पूरा करने सभी पंचायतो को कार्य दिया गया था परंतु ग्राम पंचायत धोधा में इस कार्य का मजाक बना कर रख दिया गया। यही कारण है कि अभी भी धोधा के बहोत सारे घरो में शौचालय पूर्ण नही हुवा है जानकार बताते है कि आज भी धोधा में खुले में लोग शौच जाने मजबूर है।वही सूत्रों के अनुसार सरपंच द्वारा थोड़े से पैसा बचाने के लालच में शौचालय के हितग्राहियो को आज तक पूरे पैसो का भुगतान नही किया गया है सरपंच द्वारा जीएसटी में पैसा कटने और वेंडर द्वारा पैसा काटे जाने का बहाना बनाकर लगभग 2100 सौ रूपये कम दिए जाने की जानकारी प्राप्त होता है।