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दौड़ लगाने के लिए मिट्टी के बैल तैयार, पाेरा आज

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पाेरा आज

रायपुर। प्रदेश में आज पोरा मनाया जाएगा। इस दिन शहर की गलियों में दौड़ लगाने के लिए मिट्टी के बैल तैयार हो गए हैं। वहीं रावणभाठा मैदान में असली बैलों के बीच होने वाली दौड़ प्रतियोगिता इस बार भी रद्द कर दी गई है। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए आयोजन समिति श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव एवं विकास समिति ने यह फैसला लिया है। परंपरा न टूटे इसलिए आज यहां 8 जोड़े बैल की पूजा की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में पोरा पर बैलों को सजाने और उनकी दौड़ कराने की परंपरा पुरानी है, लेकिन पिछले कुछ समय से इसका चलन कम हुआ है। छत्तीगढ़िया संस्कृति को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव एवं विकास समिति ने 12 साल पहले रावणभाठा मैदान में बैल दौड़ प्रतियोगिता की शुरुआत की थी। आखिरी बार यहां बैलों की दौड़ 2019 में हुई थी। तब तक पोरा पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान यहां अपने बैलों के साथ जुटते थे।

पोरा के लिए घरों में ठेठरी-खुर्मी, सुंहारी, बरा और गुड़ चीला जैसे पारंपरिक व्यंजन बनने लगे हैं। सोमवार सुबह नंदिया बइला, जांता पोरा की पूजा के बाद इन्हीं व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा। फिर बच्चों और पास-पड़ोस के लोगों में इसे बांटकर त्योहार की खुशियां मनाई जाएंगी। वहीं किसान परिवारों में सुबह गाय-बैलों का स्नान-श्रृंगार किया जाएगा। सींग और खुर यानी पैरों में महाउर लगाया जाएगा, वहीं गले में घुंघरू, घंटी और कौड़ी के आभूषण पहनाए जाएंगे।