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एलन मस्क ने ट्विटर खरीदा…इतने अरब डॉलन में सौदा हुआ, यह तीसरी सबसे बड़ी डील

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एलन मस्क

नई दिल्ली. दुनिया के सबसे रईस इंसान एलन मस्क ने ट्विटर को खरीद लिया। ये सौदा 44 अरब डॉलर में हुआ है यानी 3.37 लाख करोड़ रुपये में। टेक जगत में मस्क-ट्विटर डील अब तक की तीसरी सबसे बड़ी डील है। इससे पहले हाल ही में माइक्रोसॉफ्टी गेमिंग सेक्टर में अपनी दस्तक देते हुए कैंडी क्रश गेम बनाने वाली कंपनी एक्टिविजन ब्लिजार्ड के साथ सबसे बड़ी डील की थी।

मस्क और ट्विटर के बीच हुए सौदे की बात करें तो, महज कुछ ही समय में एलन मस्क ट्विटर के हिस्सेदार से मालिक बन गए हैं। पहले टेस्ला सीईओ एलन मस्क ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर में 9.2 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदी थी और उसके कुछ ही दिन बाद उन्होंने ट्विटर बोर्ड को पत्र लिखकर कंपनी को 100 फीसदी खरीदने का बड़ा ऑफर देकर सबको चौंका दिया।

एलन मस्क ने 43 अरब डॉलर (3.2 लाख करोड़ रुपये) में ट्विटर को खरीदने का ऑफर दिया था, इसके बाद सोमवार को देर रात ये सौदा 44 अरब डॉलर (3.37 लाख करोड़ रुपये) में पूरा हो गया। मस्क के ऑफर के अनुरूप उन्हें ट्विटर के हर शेयर के लिए 54.20 डॉलर (4148 रुपये) चुकाने होंगे।

माइक्रोसॉफ्ट-एक्टिविजन ब्लिजार्ड डील

टेक जगत की सबसे बड़ी डील हाल ही में हुई है। इसके तहत बिल गेट्स की माइक्रोसॉफ्ट ने कैंडीक्रश वीडियो गेम बनाने वाली कंपनी एक्टिविजन ब्लिजार्ड को 68.7 अरब डॉलर (5.14 लाख करोड़ रुपये) में खरीदने पर मुहर लगाई। यह माइक्रोसॉफ्ट के 46 साल के इतिहास का सबसे बड़ा सौदा है। एक्टिविजन ब्लिजार्ड के गेम लाइनअप में कॉल ऑफ ड्यूटी, कैंडी क्रश, वॉरक्राफ्ट, डियाब्लो, ओवरवॉच और हार्थस्टोन शामिल हैं। इस डील से माइक्रोसॉफ्ट को एक्टिविजन के लगभग 40 करोड़ मंथली गेमिंग यूजर्स मिलेंगे। डील के तहत, माइक्रोसॉफ्ट 95 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से एक्टिविजन को भुगतान करेगा।

डेल-ईएमसी सौदा

इस सूची में दूसरे नंबर पर 2015 में हुए डेल और ईएमसी सौदा है। डेल इंक ने ईएमसी कॉर्प के अधिग्रहण का 67 अरब डॉलर (5.12 लाख करोड़ रुपये) का सौदा पूरा किया था। इससे दुनिया की निजी रूप से नियंत्रित सबसे बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनी अस्तित्व में आ गई है। नई कंपनी डेल टेक्नोलॉजीज में डेल, डेल ईएमसी, पिवोटल, आरएसए, सिक्योरवर्क्स, वर्चुअलस्ट्रीम और वीएमवेयर शामिल हैं।

एवीजीओ-ब्रॉडकॉम डील

चौथे नंबर पर एवीजीओ टेक्नोलॉजी और चिपमेकर कंपनी ब्रॉडकॉम का सौदा आता है। ये डील 2015 में की गई थी। इस सौदे की कीमत 37 अरब डॉलर (2.8 लाख करोड़ रुपये) थी। संयुक्त कंपनी अब ब्रॉडकॉम के नाम से जानी जाती है, लेकिन एवीजीओ के रूप में व्यापार करती है। यह अमेरिका में सेमीकंडक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर सॉफ्टवेयर उत्पादों के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं में से एक बन चुकी है।

आईबीएम-रेडहेट डील

टेक जगत के सबसे बड़े सौदों की इस फेहरिस्त में पांचवे नंबर पर चिप निर्माता कंपनी एएमडी और जिलिंक्स डील आती है। 35 अरब डॉलर यानी 2.6 लाख करोड़ रुपये की ये डील अक्तूबर 2020 में हुई थी, वहीं इस सूची में छठी बड़ी डील की बात करें तो आईबीएम और रेडहेट सौदा आता है। जुलाई 2019 में विश्व की दिग्गज आईटी कंपनी आईबीएम ने सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी रेड हैट को 2.34 लाख करोड़ रुपये में खरीद लिया था।