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हर मंगलवार बालोद जिले में लगेगा पुलिस दरबार, एसपी स्वयं सुनेंगे पुलिसकर्मियों की समस्याएं, तत्काल निराकरण करने किए जाएंगे प्रयास

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हर मंगलवार बालोद जिले में लगेगा पुलिस दरबार, एसपी स्वयं सुनेंगे पुलिसकर्मियों की समस्याएं, तत्काल निराकरण करने किए जाएंगे प्रयास

रवि भूतड़ा
बालोद।
वर्तमान में पुलिस जनता दरबार लगा जनता की समस्याओं को सुन उसे निराकरण करने का प्रयास किया करती थी पर अब पुलिस के आलाधिकारी स्वयं दरबार लगा पुलिस के अधिकारी यव कर्मचारियों की समस्याओं को सुन उसे निराकरण करने का प्रयास करेंगे। जिसे पुलिस दरबार के नाम से जाना जाएगा।

पुलिस के अधिकारी व कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को हो रही समस्याओं को सुनकर उससे निराकरण करने के का प्रयास अब जिले के एसपी करेंगे। यह दरबार प्रत्येक मंगलवार को जिला मुख्यालय में लगाया जावेगा।
पुलिस महकमे की समस्याओं का निराकरण करने के लिए डीजीपी डीएम अवस्थी ने एक नई व्यवस्था लागू कर दी हैं। डीएम अवस्थी ने प्रदेश के सभी जिले के एसपी को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक मंगलवार को जिला मुख्यालय में स्वयं उपस्त्तिथ रहकर पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण करेंगे।

विधानसभा चुनाव के पहले ऐसा पहली बार हुआ था की पुलिस परिवार आंदोलन की राह पर निकल पड़ा था

उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि केवल उन्ही प्रकरणों को अपनी टीम सहित पुलिस महानिरीक्षक या पुलिस महानिदेशक को अग्रेषित करेंगे। जिसका समाधान जिला स्तर पर संभव नहीं है। इसी प्रकार पुलिस महानिरीक्षक भी प्रत्येक बुधवार अपने रेंज के अधिकारी-कर्मचारी की शिकायतों का निराकरण करेंगे और जिन प्रकरणों का समाधान रेंज स्तर पर संभव नहीं है, उसे अपनी टीप सहित पुलिस महानिदेशक को अग्रेषित करेंगे।

पुलिस महानिदेशक के समक्ष केवल उन्हीं प्रकरणों को प्रस्तुत किया जाएगा जिनका समाधान जिला या रेंज स्तर पर नहीं किया जा सके। पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस बल के समस्याओं के निराकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों के संबंध में एक संक्षिप्त टीम पुलिस महानिदेशक को प्रत्येक माह की 10 तारीख तक अनिवार्य रूप से भेजने के लिए निर्देशित किया गया है।

विधानसभा चुनाव के पहले ऐसा पहली बार हुआ था की पुलिस परिवार आंदोलन की राह पर निकल पड़ा था। साप्ताहिक अवकाश सहित कई मांगों पर पुलिस परिवार ने राजधानी में प्रदर्शन भी किया था। हालांकि इस आंदोलन को भाजपा सरकार दबाने में सफल रही थी। ऐसी स्तिथि नई सरकार में न बने इसके लिए पुलिस दरबार लगाने का फैसला लिया गया है।