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Exclusive: समाज कल्याण विभाग के उप संचालक, जेपी ड्रग्स के संचालक एवं अरिहंत मोबाइल के संचालक की अग्रिम जमानत खारिज, अब तीनों लेंगे हाईकोर्ट की शरण

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Exclusive: समाज कल्याण विभाग

बालोद। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक नरेंद्र देवांगन सहित रायपुर के जेपी ड्रग्स के संचालक तथा बालोद नगर स्तिथ अरिहंत मोबाइल एंड कंप्यूटर के संचालक की अग्रिम जमानत अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजय कुमार मिंज ने बुधवार को खारिज कर दी हैं। उक्त तीनों अब हाईकोर्ट की शरण लेंगे।

उल्लेखनीय हो कि समाज कल्याण विभाग के उप संचालक नरेंद्र देवांगन ने शासन की जेम पोर्टल के माध्यम से रायपुर की एक फर्म जेपी ड्रग्स को सामान्य एवं बैटरी चलित दिव्यांगों को वितरित किए जाने का आदेश दिया था। रायपुर की फर्म द्वारा कार्य आदेश में दर्शाई गई संख्या से कम ट्राईसाईकिल सप्लाई कर अधिक दर का भुगतान प्राप्त किया था, तो वही अरिहंत मोबाइल एंड कंप्यूटर के संचालक ने स्टेशनरी के फर्जी बिल उप संचालक को प्रदान किया था। जिसे भुगतान के लिए ट्रेजरी को भेजा गया था। जिसमें लाखों रुपये का भ्रष्टाचार सामने आया था।

बालोद कलेक्टर श्रीमती रानू साहू को मामला संज्ञान आने के बाद उक्त बिल का भुगतान तत्काल रुकवाया गया था। तो वहीं रायपुर के जेपी ड्रग्स के संचालक अरिहंत मोबाइल एंड कंप्यूटर के संचालक तथा समाज कल्याण विभाग के उप संचालक के विरुद्ध बालोद थाने में धारा 420 सहित अन्य धारा के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया था। जिसकी अग्रिम जमानत अतिरिक्त सत्र न्यायालय विजय कुमार मिंज ने खारिज कर दी हैं। मिली जानकारी अनुसार अब अग्रिम जमानत के लिए समाज कल्याण के उपसंचालक नरेंद्र देवांगन, जेपी फर्म के संचालक तथा अरिहंत मोबाइल के संचालक हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अपील करेंगे।

लाखों का फर्जीवाड़ा आया सामने, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

छत्तीसगढ़ की महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेड़ियाँ के प्रभार वाले बालोद जिले में समाज कल्याण विभाग में लाखों का फर्जीवाड़ा सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप की स्तिथि बनी हुई हैं। समाज कल्याण विभाग में बिना सामग्री खरीदे ही भुगतान किए जाने के मामले में बालोद कलेक्टर रानू साहू ने कड़ा रुख इख्तियार करते हुए समाज कल्याण विभाग के प्रभारी उपसंचालक नरेंद्र कुमार देवांगन को पद का दुरुपयोग एवं वित्तीय अनियमितता के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।

इसके अलावा एफआईआर कराने के भी आदेश विभाग को दे दी थी। जिसके बाद मामले में बालोद थाने में प्रभारी उपसंचालक और बिना सामाग्री दिए फर्जी बिल देने वाले रायपुर के जेपी ड्रग्स फर्म के संचालक और फर्जी बिल लगाने मामले में अरिहंत मोबाइल के संचालक के खिलाफ 420 के तहत ठगी का एवं विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

बता दे की समाज कल्याण विभाग के उप संचालक नरेंद्र देवांगन ने रायपुर की फर्म जेपी ड्रग्स से लाखों रुपये का बैटरीचलित ट्राइसिकल जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदी किया था तथा जिसका भुगतान भी कर दिया। परंतु उक्त फर्म ने 6 लाख 13 हजार 500 रुपये की कम ट्राइसिकल प्रदान की थी। जिस पर उप संचालक ने सामान लिए बिना ही भुगतान करने के साथ ही अधिकारियों को गुमराह किया।

जांच में अनियमितता पाए जाने के बाद कलेक्टर रानू साहू के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग की उप संचालिका बरखा कासु ने बालोद थाने में लिखित शिकायत मि थी। जहां बालोद पुलिस ने समाज कल्याण विभाग के पूर्व प्रभारी संचालक नरेंद्र देवांगन के साथ-साथ जेपी ड्रग्स के प्रोपाइटर एवं अरिहंत मोबाइल के संचालक के विरुद्ध शासकीय राशि का दुरुपयोग व फर्जी बिल लगाए जाने तथा वित्तीय अनियमितता में अपराध पंजीबद्ध किया था।