@ सुरज मानिकपुरी
कलेक्टर-एसपी ने मन्नाबेदी गांव पहुंचकर भारत के माता-पिता को दी बधाई और शुभकामनएं 
कवर्धा।
कबीरधाम जिले के भारतलाल बैगा के दिल्ली इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नालॉजी में सॉफ्टवेयर इजीनियरिंग ब्रांच में दाखिला होने के बाद उनके गांव मन्नाबेदी में त्यौहार जैसा माहौल है। गांव में विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के बैगा समुदाय के साथ-साथ अन्य परिवारजनों में भी उत्साह और उमंग है। कलेक्टर अवनीश कुमार शरण, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह और जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी कुंदन कुमार भी इस उत्साह और उमंग के उत्सव में शामिल हुए। कलेक्टर ने भारत लाल बैगा के इस उपलब्धि के लिए उन्हे पेन-डायरी और पुष्प्पगुच्छ देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। कलेक्टर ने भारत बैगा के माता-पिता से भी मिले और उन्हें भी बधाई दी। मन्नाबेदी के भारत लाल बैगा ने अपने काबिलियत और कठिन परिश्रम से राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित संयुक्त परीक्षा इंजीनियरिंग के मुख्य प्रवेश परीक्षा जेईई मैन्स में शानदार सफलता हासिल कर देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी नई दिल्ली में सॉफ्टवेयर इजीनियरिंग में प्रवेश लिया है, यह हम सभी के लिए गर्व और खुशी की बात है। उनकी सफलता की यह गाथा जिले के युवाओं के लिए भी  प्रेरणा बन गया है। भारत बैगा जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के पहले युवा बन गए है जो विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के बैगा जनजाति वर्ग से है। कलेक्टर ने भारत बैगा से कहा कि दिल्ली जाकर गांव की मिट्टी और संस्कृति को जरूर याद रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की मिट्टी और संस्कृति हमें सकारात्मक उर्जा प्रदान करती है। सकारात्मक उर्जा गांव, समाज और देश के लिए रचनात्मक काम करने के लिए प्रेरित भी करती है। 
बेटे की कामयाबी से झलकी माता-पिता आंखे 
भारत बैगा के पिता रामचंद बैगा अपने बेटे की कामयाबी का किस्सा सुनाते हुए आंखे खुशियों के आंसू छलक आई। उन्हांने कहा कि आज मैं अपने बेटे की कामयाबी से ब​हुत खुश हूं। उन्होंने बताया कि मैं अशिक्षित हूं इसलिए शिक्षा की महत्व को जानता हॅू। मैंने शिक्षा को ही विकास का मूलमंत्र समझा है। अपने सभी बच्चों को अपने स्तर पर शिक्षा देने और राह दिखाने का प्रयास किया है।  उन्होंने जिले के सभी विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के बैगा से आग्रह करते हुए कहा कि वे भी अपने बच्चों का शिक्षा जरूर दे। अपने बच्चों का स्कूल जरूर भेंजे।