Home क्राइम मध्यप्रदेश में 8 महीनों में बच्चियों से रेप के मामले में 13वीं...

मध्यप्रदेश में 8 महीनों में बच्चियों से रेप के मामले में 13वीं ‘सजा-ए-मौत’

38
मध्यप्रदेश में 8 महीनों में बच्चियों से रेप के मामले में 13वीं 'सजा-ए-मौत'

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में नाबालिगों के खिलाफ हो रहे यौन अपराधों पर रोक लाने के लिए पिछले साल दिसंबर में फांसी की सजा का कानून बनाया था। फांसी की सजा का ये कानून 12 साल या उससे कम उम्र की बच्ची के साथ रेप के मामले में है।

इसे राज्य की विधानसभा ने पिछले साल दिसंबर में पास किया था। कानून पारित होने के बाद से अब तक बच्चियों से रेप के मामले में मध्यप्रदेश में 13 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है।

गौरतलब है मध्य प्रदेश के मंदसौर में 7 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप के दो दोषियों को सेशंस कोर्ट ने मंगलवार को मौत की सजा सुनाई है। जून में हुई दरिंदगी की इस घटना पर पूरे देश में उबाल देखा गया था।

कोर्ट ने बच्ची से गैंगरेप के आरोप में इरफान और आसिफ को दोषी माना है। कोर्ट ने ये सजा 2 महीने से कम समय में मुकर्रर की है।

मंदसौर गैंगरेप मामले में मीडिया से बातचीत के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘ऐसे अपराध में सजा के प्रावधान के अनुसार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा रही है, अब तक मामले में 13 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई है।’ अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, ‘मंदसौर रेप के मामले में सजा के लिए कोर्ट के प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

उन्होंने कहा कि आज मेरे हृदय को संतुष्टि मिली है। वास्तव में इन नरपिशाचों के लिए इस दुनिया में कोई जगह नहीं है। ऐसे मामलों में फांसी की सजा से कम कुछ भी नहीं होना चाहिए। बेटी को न्याय दिलाने के लिए पुलिस, लोक अभियोजक, विशेषज्ञों की टीम ने सराहनीय कार्य किया है।’

बता दें कि ये सजा अपराधियों को अलग-अलग मामले में सुनाई गई है। ये सभी मामले 12 साल या उससे कम उम्र की बच्चियों के साथ रेप के हैं।

तीन हफ्ते ट्रायल, दोनों दोषियों को सजा-ए-मौत
पॉक्सो जज निशा गुप्ता ने गैंगरेप के मामले में दोषी आसिफ और इरफान को मौत की सजा सुनाई। 26 जून को दोनों ने बच्ची को उसके स्कूल से अगवा कर लिया था।। इसके बाद वे बच्ची को किला रोड के पास एक सुनसान इलाके में ले गए।

दोनों ने रेप के साथ ही बच्ची के साथ बर्बरता को अंजाम दिया। दोनों दरिदों ने बच्ची का गला काटकर उसे मरणासन्न हालत में छोड़ दिया था लेकिन अस्पताल में चले लंबे इलाज के बाद मासूम की जान बच गई।

गले में जानलेवा घातक चोट और फटी आंतों के इलाज के लिए डॉक्टरों ने बच्ची की कई बार सर्जरी की।

आईपीसी में जुड़ी नई धारा से सजा
आसिफ और इरफान पर पॉक्सो ऐक्ट और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत अपहरण, गैंगरेप और हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया गया।

दोनों को 12 साल से कम उम्र के बच्चों से रेप के मामले में मौत की सजा वाली आईपीसी की धारा 376 AB के तहत दोषी ठहराया गया। मध्य प्रदेश में इस धारा को नया कानून बनने के बाद हाल ही में जोड़ा गया है।

<p></>