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मणिपुर, गोवा में कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा ही नहीं किया था : शाह

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मणिपुर, गोवा में कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा ही नहीं किया था : शाह
NEW DELHI, MAY 21 (UNI)- BJP president Amit Shah flanked by Unon MInisters Piyush Goyal and Anant Kumar addressing a press conference at the party head office in New Delhi on Monday. UNI PHOTO-MLC3U

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने मणिपुर एवं गाेवा में कांग्रेस को सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार नहीं बनाने देने के आरोप खारिज करते हुए कहा कि इन दोनों राज्यों में सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस ने सरकार बनाने का कोई दावा ही नहीं किया था। श्री शाह ने पार्टी मुख्यालय में कहा कि मणिपुर और गोवा में चुनावाें के बाद सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस ने राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का कोई दावा ही नहीं किया था जिससे राज्यपाल को दूसरी सबसे बड़ी पार्टी से पूछना पड़ा। इस पर भाजपा ने सरकार बनायी और सहयोगियों के साथ मिल कर बहुमत साबित किया। उन्हाेंने कहा कि ऐसी कभी नहीं हुआ कि सबसे बड़ी पार्टी के दावे का नकार कर भाजपा को बुलाया गया हो। भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भी जनादेश पूरी तरह से कांग्रेस विरोधी था लेकिन उसने वहां सरकार बनाने के लिए जनता दल (एस) के साथ अपवित्र गठबंधन किया है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि चुनाव में जनता ने कांग्रेस को नकार दिया और उसकी सीटें 122 से घटकर 78 पर सिमट गयी। उसके मुख्यमंत्री सिद्दारामैया एक सीट पर हार गये और एक सीट पर बहुत ही कम मतों से जीत पाये। इसके अलावा उनके आधे मंत्री भी हार गये। दूसरी ओर भाजपा की सीट 40 से बढ़कर 104 हो गयी और वह सीटों एवं वोटाें की हिस्सेदारी के हिसाब से सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। भाजपा के सरकार बनाने का दावा करने पर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि जब किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं था तो क्या वहां फिर से चुनाव कराया जाता। भाजपा ने कांग्रेस विरोधी जनादेश को समझ कर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा किया और यदि ऐसा नहीं करती तो यह जनादेश के खिलाफ होता। उन्होंने कहा कि सरकार बनाना कतई अनुचित नहीं था। उन्होंने कहा कि हमने सरकार बनायी और विधानसभा के पटल पर अपनी पूरी बात उजागर करने के बाद इस्तीफा दे दिया। श्री शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और जनता दल (एस) ने अपने विधायकों को होटल में बंधक बनाकर रखा। उन्हें जनता से मिलने तक नहीं दिया। उन्हें जनता से मिलने दिया जाता तो विश्वास मत का परिणाम कुछ और होता। जनता इन विधायकों को बता देती कि उन्हें कहां वोट डालना है। उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस किस बात का जश्न मना रही है। क्या वह 122 सीटों से घटकर 78 पर आने का जश्न मना रही है या आधे मंत्रियों के हारने, कई सीटों पर उम्मीदवारों की जमानतें जब्त होने और पार्टी ‘तीन पी’ पंजाब , पुड्डुचेरी और परिवार तक सिमटने जश्न मना रही है। जनता दल एस की भी 40 की बजाय 38 सीटें आयीं हैं और 80 प्रतिशत सीटों पर उसकी जमानत तक जब्त हो गयी है। जद एस को अधिकतर स्थानों पर भाजपा ने ही हराया है। उन्होंने कहा, “हम चुनाव जीते हैं लेकिन वे हार में भी जीत ढूंढ़ने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को नकारा और जो उसे हरा सकता था उसे जिताया। जनता दल एस को भी वहीं जीत मिली जहां भाजपा का संगठन परंपरागत रूप से ‘निर्बल’ था। श्री शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनाने से सिर्फ सात सीटें पीछे रही। पार्टी को उम्मीद थी कि जो कांग्रेस के खिलाफ लड़े हैं वे हमारा समर्थन करेंगे। भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त (हार्स ट्रेडिंग) की कोशिश करने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने ऐसा कुछ नहीं किया बल्कि कांग्रेस ने पूरा का पूरा ‘अस्तबल’ ही बेच खाया। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने अगर ‘हाॅर्स ट्रेडिंग’ की होती तो नज़ारा कुछ और होता। उच्चतम न्यायालय द्वारा श्री बी एस युदियुरप्पा को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन की बजाय केवल एक दिन का समय दिए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर श्री शाह ने कहा कि अदालत का फैसला मानने के लिए होता है और उससे कोई खुशी या ग़म भाजपा को नहीं है। उन्होंने कटाक्ष किया कि भाजपा हमेशा से न्यायालयों का सम्मान करती है और फैसला खिलाफ आने पर मुख्य न्यायाधीश के विरुद्ध महाभियोग नहीं लाएगी। श्री शाह ने कहा कि भाजपा नौ उप चुनाव हार गयी तो विपक्ष शोर मचाने लगा जबकि 2014 के बाद कांग्रेस का 14 राज्यों में सफाया हो गया तो उसे यह दिखायी नहीं देता।  येदियुरप्पा द्वारा विश्वासमत हासिल करने के लिए राज्यपाल से सात दिन का समय माँगे जाने और राज्यपाल द्वारा 15 दिन का समय दिये जाने के कांग्रेस के आरोप पर श्री शाह ने दावा किया कि श्री येदियुरप्पा ने राज्यपाल से बहुमत साबित करने के लिए सात दिन का समय नहीं मांगा था। कांग्रेस के वकील ने उच्चतम न्यायालय से यह कह कर सरासर झूठ बोला है। कांग्रेस को इस बारे में सबूत पेश करना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को दूसरे की जीत काे हार में बदलना अच्छी तरह से आता है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संविधान के अनुच्छेद 356 का प्रयोग 50 बार किया था और प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने पहली बार 356 का प्रयोग केरल में किया था। उन्होंने कहा कि गोवा में तो एक बार कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में खाता तक नहीं खोल पाने के बावजूद अपनी सरकार बनायी थी। तब महाराष्ट्रवादी गोमान्तक पार्टी के प्रताप सिंह राणे काे पार्टी विधायकों के सहित दलबदल कराके शपथ दिलायी गयी थी। श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस का शुरू से चरित्र रहा है कि किसी को भी बिना वजह जेल में डाल दो, प्रेस पर प्रतिबंध लगा दो। मशहूर गायक किशोर कुमार के गीतों को रेडियाे पर प्रतिबंधित कर देने का भी उदाहरण है।