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विधानसभा में गृहमंत्री ने कहा-किसानों के आत्महत्या के मामले में मुआवजे का प्रावधान नहीं

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रायपुर। सदन में आज किसानों के आत्महत्या का मामला गूंजा। प्रदेश में जनवरी 2019 से लेकर 12 फरवरी 2022 तक तक 570 किसानों ने आत्महत्या की है। भाजपा विधायक कृष्णमूर्ति बांधी के इस सवाल के जवाब में राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने यह जानकारी दी है। गृहमंत्री के अनुसार जनवरी 2019 से लेकर फरवरी 2022 तक 570 किसानों ने आत्महत्या की है, जिसमें 187 अनुसूचित जनजाति, 79 अनुसूचित जाति और 304 सामान्य वर्ग के किसान है। गृहमंत्री ने यह भी कहा कि जिन किसानों ने आत्महत्या की है, उसमें केवल दो किसानों ने कृषिगत कारणों से आत्महत्या की है। हालांकि बाकी किसानों के आत्महत्या का कारण कृषि से संबंधित नहीं है।

भाजपा विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने जानना चाहा कि क्या सरकार आत्महत्या करने वाले किसानों के परिजनों को कोई मुआवजा राशि दी है। इसके जवाब में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि किसानों के परिजनों को कोई मुआवजा राशि नही दी गई है और आत्महत्या करने वाले किसानों को मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है।

चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जब प्रदेश के मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के किसानों को 50-50 लाख का मुआवजा दे सकते हैं तो छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए मुआवजा का प्रावधान क्यों नहीं किया जा सकता। इसके जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के किसानों के परिजनों को स्वेच्छानुदान कोष से राशि दी है, जो उनका विवेकाधिकार होता है, ना कि मु्आवजा के तौर पर रकम दी गई है। इसके बाद सदन में हंगामा भी हुआ।