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वनांचल के नक्सल प्रभावित गांव में कलेक्टर ने आला अधिकारियों के साथ लगाई चौपाल, कहा शासन की योजनाओं का लाभ सुदूर क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति को मिलेगा

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@ सुरज मानिकपुरी
कवर्धा।
जिले के नक्सल प्रभावित वनांचल ग्राम सिवनी कला में कलेक्टर अवनीश शरण ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों को शासन की योजना का लाभ उठाने की अपील की। ग्रामीणों के 74 आवेदनों में से 53 तत्काल निराकृत किया गया है। कलेक्टर ने आदेश दिया कि पेंशन की भुगतान के लिए हर पंचायत में व्यवस्था जल्द की जाएगी।वनांचल के नक्सल प्रभावित गांव में कलेक्टर ने आला अधिकारियों के साथ लगाई चौपाल, कहा शासन की योजनाओं का लाभ सुदूर क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति को मिलेगा
जिले के वनांचल में नक्सलियों के आवाजाही के बाद पुलिस नक्सली मुठभेड़ के बाद यह पहला अवसर है जब जिला प्रशासन की जिला स्तरीय चौपाल नक्सल क्षेत्र में लगाई है। मंगलवार को जिला प्रशासन के लोक संपर्क एक्सप्रेस में सभी जिला अधिकारी एक साथ कलेक्ट्रेट से वनांचल ग्राम सिवनी कला पहुंचे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिला कलेक्टर अवनीश शरण पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह, कवर्धा विधायक अशोक साहू ने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर ग्रामीणों की दुख दर्द सुना। कलेक्टर अवनीश शरण ने सीधे शब्दों में ग्रामीणों से अपील की शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक को मिले यहां हमारी प्राथमिकता है आपकी सरकार है इसलिए योजनाओं का लाभ भी आपको मिलना चाहिए। वहीं पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह ने कहा कि आपका जीवन अनमोल है उसकी सुरक्षा की जवाबदारी पुलिस प्रशासन की है हम हर संभव सुरक्षा देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी के बहकावे में ग्रामीणों को आने की जरूरत नहीं है।
वनांचल में लगेेंगे शिविर
कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों के गांव को इसलिए चुना जाता है कि वहां के ग्रामीण शहर आ पाने में असमर्थ होते है। शिविर के माध्यम से सारे जिला अधिकारी उस एक गांव में उपस्थित हो जाते है और वहां के आसपास के बहुत से गांव के लोग इसका लाभ ले पाते है। गांवों में ऐसे शिविर का आयोजन किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण, वनवासी एवं आदिवासों को शासन की योजना का लाभ मिल सके।
नक्सल विरोधी मुहिम नहीं
– पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह ने कहा कि किस जगह पर शिविर लगेंगा यह तय कलेक्टर करते हैंं। इसके पहले भी जनसमस्या निवारण शिविर वनांचल क्षेत्रों में आयोजित होते रहे हैं। इस शिविर का मतलब नक्सल विरोधी मुहिम नहीं है।
उल्लेखनीय है कि कवर्धा जिला वैसे तो दो दशकों से नक्सलियों के आवाजाही को लेकर सुर्खियों में बना रहा है। अभी हाल ही के कुछ दिनों में नक्सलवादियों की गतिविधियां इस जिले के वनांचल क्षेत्रों में बढ़ी है।