सौर ऊर्जा से चलेंगे सिंचाई पंप, किसानों को मिलेगी बिजली बिल से छुट्टी

@ श्याम पुरोहित
भाटापारा।
ग़ैर परंपरागत स्रोत से सिंचाई के क्षेत्र में ज़िले के खाते में एक नया रिकॉर्ड दर्ज होने जा रहा है। इस स्रोत से 3800 एकड़ में ली जाने वाली फ़सलों को जीवन मिल रहा है। अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण इस सफलता के हर उस किसान तक पहुंचने की तैयारी में हैं,जो बिजली कनेक्शन के लिए चक्कर लगा रहे है। ज़िले मे अक्षय उर्जा विकास अभिकरण को अपने प्रयासों में नित्य नई सफलता मिल रही है। ग़ैर परंपरागत स्रोतों से बिजली हासिल कर सिंचाई पंप चलाने के बाद सिंचित क्षेत्र का जो रक़बा उसने बढ़ाया है वह निश्चित ही अन्य ज़िलों के लिए एक सबक़ हो सकता है। ज़िले में जिस तरह मॉनसून की मेहरबानी कम होती जा रही है उसके बाद किसानों का रुझान तेज़ी से भू-जल स्रोत की ओर बढ़ रहा है। लेकिन बिजली कनेक्शन के लिए दूरी बाधा बनती आई है। सौर ऊर्जा से चलने वाला सिंचाई पंप कई तरह की दिक़्क़त दूर कर रहा है। सबसे पहले यह कि बिजली बिल से हमेशा के लिए छुट्टी। बिजली बंद हो जाने के बाद आने वाली समस्या भी ख़त्म हो चुकी है

रिकार्ड फ़सलो को जीवन

अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण की उदार नीति और किसानों का बढ़ता रुझान जिले की 3800 एकड़ ज़मीन में ली जाने वाली फसलों को जीवन दे रहा है। जिले की कुल सिंचित भूमि में अभिकरण के इस योगदान को ख़ारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि वह हर साल सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पम्पों की संख्या बढ़ा रही है। इससे सिंचित क्षेत्र का रक़बा भी बढ़ने में उसे मदद मिल रही है।

कसडोल में सबसे ज़्यादा
सौर ऊर्जा से चलने वाले कुल 1943 सिंचाई पम्पों में से सबसे ज़्यादा पंप कसडोल ब्लाक मे लगे है। वनांचल होने की वजह से इस ब्लॉक के हर गाँव तक सिंचाई पम्पों के लिए बिजली कनेक्शन दे पाना विद्युत मंडल के लिए बाधा बनी रही है। यह समस्या अब सौर ऊर्जा विकास अभिकरण ने काफ़ी हद तक दूर कर दी है। इस ब्लॉक में अभी भी किसान सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पम्पों के लिए आवेदन कर रहे हैं। सबसे कम संख्या वाला ब्लॉक भाटापारा है। यह अब तक केवल 20 सोलर सिंचाई पंप लगाए गए हैं। संख्या बढ़ाने की कोशिश जारी हैं।

वर्सन
ज़िले में लगे 1943 सोलर सिंचाई पंप से 3800 एकड़ की फसलों को सिंचित किया जा रहा है। भाटापारा ब्लॉक में ऐसे पंपों की संख्या सबसे कम है। इसे बढ़ाने के लिए ब्लॉक के किसानों से संपर्क बढ़ाया जा रहा है।
निखिल गर्ग, एई,अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण बलौदाबाजार