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खाली-पीली में ईशान और अनन्या की जोड़ी को दर्शकों को भाया, जानिए कैसी है फिल्म

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ईशान और अनन्या

मुंबई। कोरोना वायरस की वजह से सिनेमाघर बंद होने के कारण कई ऐसी फिल्मों को ओटीटी का रुख करना पड़ा, जो सिनेमाघरों में रिलीज करने के लिए बनाई गई थीं। इन्हीं में से एक ईशान खट्टर और अनन्या पांडेय की फिल्म खाली-पीली है, जो गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को जीप्लेक्स पर रिलीज हो गई। खाली-पीली बॉलीवुड स्टाइल की टिपिकल मसाला एंटरटेनर है, जिसमें एक हीरो है, हीरोइन है, विलेन है, थोड़ा नाच-गाना और एक्शन है। फिल्म खाली-पीली,

खाली-पीली बचपन के प्रेमियों विजय (ईशान) और पूजा (अनन्या) के मिलने, बिछड़ने और फिर मिलने की कहानी है। विजय बचपन से ही शातिर दिमाग और तेज-तर्रार है। वो काली-पीली टैक्सी चलाता है। उसके कोई नैतिक मूल्य नहीं हैं। मौके पर चैका मारना उसका उसूल है। जैसा कि मुंबइया फिल्मों में अक्सर स्ट्रीट स्मार्ट किड्स को दिखाया जाता है, विजय उसी परम्परा को आगे बढ़ाता है।

एक घटनाक्रम के दौरान उसे पूजा मिलती है, जो अपनी शादी से भाग रही है। वो विजय की टैक्सी हायर करती है। बदले में विजय मोटी रकम मांगता है, जिसके लिए वो तैयार हो जाती है। विजय उसे लेकर भागता है। पूजा के पीछे यूसुफ (जयदीप अहलावत) के गुंडे लग जाते हैं। यूसुफ एक पिंप है, जो जिस्मफरोशी के धंधे में है। एक और घटनाक्रम होता है, जिसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर तावड़े (जाकिर हुसैन) उनके पछे पड़ जाता है।

पटकथा में फ्लैशबैक का बेहतरीन इस्तेमाल किया गया है, जिसके चलते एंटरटेनमेंट डोज़ कम नहीं हुई। विजय और पूजा के बचपन वाली मासूम लव स्टोरी बीच-बीच में आये फ्लैशबैक के ज़रिए सामने आती है।