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आईएसआई की महिला एजेंट ने दोस्त बनकर फंसाए 45 भारतीय जवान, ऐसे बिछाया था जाल

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आईएसआई की महिला एजेंट ने दोस्त बनकर फंसाए 45 भारतीय जवान, ऐसे बिछाया था जाल

जयपुर. राजस्थान में हनी ट्रैप के मामले का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क है। जैसलमेर में तैनात जवान सोमवीर से एक हफ्ते से आर्मी इंटेलीजेंस और राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा के अधिकारी पूछताछ कर रहे थे। नए साल में सबूत मिलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब इस मामले में कई चौंकाने वाले राज सामने आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की महिला एजेंट ने 45 से ज्यादा जवानों को अपने जाल में फंसाया है।

एजेंट ने खुद को बताया नर्सिंग सर्विस का कैप्टन

पाकिस्तानी एजेंट ने फेसबुक के जरिए अनिका चोपड़ा के नाम से अकाउंट बनाकर जवानों से दोस्ती की थी। सूत्रों की मानें तो पाकिस्तानी एजेंट अनिका ने 2016 में सबसे पहले सोमवीर सिंह को अपने झांसे में लिया था। इसके बाद उसके फ्रेंड लिस्ट में मौजूद लोगों से भी दोस्ती कर ली। मिलिट्री इंटेलिजेंस (एमआई) सहित टॉप खुफिया एजेंसियां की नजर अब इन्ही जवानों पर है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी एजेंट खुद को मिलिट्री नर्सिंग सर्विस का कैप्टन बताती थी।

मिलिट्री इंटेलिजेंस की जोधपुर यूनिट और राजस्थान सीआईडी (इंटेलिजेंस) की टीम इस मामले की जांच में जुटी हुई है।

सोमवीर जैसलमेर से पहले महाराष्ट्र के अहमदनगर में भी तैनात रहा था। उस समय भी महिला एजेंट के संपर्क में था। पैसों के लालच में जवान ने महिला एजेंट को फेसबुक, व्हाट्सएप के जरिये सूचनाएं साझा की। उसकी गतिविधियों पर आर्मी इंटेलीजेंस और राज्य पुलिस की विशेष शाखा नजर रखे हुए थी। जिसके बाद सबूत मिलने पर उसे गिरफ्तार किया गया। शनिवार को जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 18 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

भेद खुलते ही पाकिस्तानी एजेंट ने छिपाई फ्रेंड लिस्ट

महिला के नंबर की जांच में पता चला की आईपी एड्रेस पकिस्तान के कराची का है। सोमवीर के पकड़े जाने के बाद भेद खुलने के डर से आईएसआई एजेंट अनिका ने अपनी फ्रेंड लिस्ट और निजी जानकारी को छिपा दिया है ताकि कोई देख न पाए। एजेंसी ने बैंक खातों की जांच भी शुरू कर दी है। जांच में पाया गया कि महिला ने सोमवीर के खाते में जून 2018 में पांच हजार दिल्ली के एक बैंक में जमा करवाए थे। सोमवीर ने पैसे अपने भाई के खाते में मंगवाए थे।

इसके अलावा जुलाई 2018 में दस हजार जैसलमेर में मौजूद अपने एजेंट के हाथों भेजे सोमवीर को कैंट इलाके से बाहर जाने की इजाजत नहीं थी जिस कारण वह एजेंट उस तक पहुंच नहीं पाया।

जांच एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो एजेंट ने वर्दी में अपनी फोटो दिखाकर सोमवीर को गुमराह किया। मैसेंजर से शुरू हुई बात वीडियो कॉल तक पहुंच गई। एमआई और सीआईडी के मुताबिक महिला जम्मू के नंबर का इस्तेमाल कर रही थी। बताया जा रहा है कि सोमवीर ट्रेनिंग के दौरान से ही महिला एजेंट के संपर्क में था, उस दौरान उसने अहमदनगर ट्रेनिंग कैंप की जानकारी साझा की थी। उसकी पोस्टिंग जब अर्जुन टैंक यूनिट जैसलमेर में हुई तो वह पकिस्तान के लिए अहम मोहरा बन गया था।