Home अजब गजब जलियांवाला बाग नरसंहार: 100 साल बाद ब्रिटिश सरकार ‘गहरा अफसोस’ व्यक्त करेगी

जलियांवाला बाग नरसंहार: 100 साल बाद ब्रिटिश सरकार ‘गहरा अफसोस’ व्यक्त करेगी

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जलियांवाला बाग नरसंहार: 100 साल बाद ब्रिटिश सरकार 'गहरा अफसोस' व्यक्त करेगी

डेस्क . दुनिया के सबसे जघन्य नरसंहारों में से एक माने जाने वाले जलियांवाला बाग हत्याकांड के 100 साल बाद आखिरकार ब्रिटिश सरकार ‘गहरा अफसोस’ व्यक्त करेगी। लेकिन किसी बड़ी घटना के घटित होने के 100 साल बाद अफसोस करना क्या उस घाव को कम कर देगा?  रिपोर्ट के अनुसार कथित तौर पर ब्रिटिश मंत्री घटना की शाताब्दी पर ‘गहरे अफसोस’ का बयान जारी करने वाले हैं। 

अमृतसर के जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल, 1919 को महात्मा गांधी की तरफ से देश में चल रहे असहयोग आंदोलन के समर्थन में हजारों लोग एकत्र हुए थे। जनरल डायर ने इस बाग के मुख्य द्वार को अपने सैनिकों और हथियारंबद वाहनों से रोककर निहत्थी भीड़ पर बिना किसी चेतावनी के 10 मिनट तक गोलियों की बरसात कराई थी। 

इस घटना में तकरीबन 1000 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 1500 से ज्यादा घायल हुए थे। लेकिन ब्रिटिश सरकार मरने वाले लोगों की संख्या 379 और घायल लोगों की संख्या 1200 बताती है।   

इससे पहले ब्रिटिश शासन के दौरान हुए इस हत्याकांड के शताब्दी वर्ष के सिलसिले में 19 फरवरी, 2019 को हाउस ऑफ लॉर्ड्स (ब्रिटिश संसद) में हुई बहस के दौरान एक मंत्री ने सदन से कहा था कि ब्रिटिश सरकार औपचारिक माफी की मांग पर विचार कर रही है।

अमृतसर नरसंहार

हाउस ऑफ लॉर्ड्स के निचले सदन में ‘अमृतसर नरसंहार: शताब्दी’ के नाम से चल रही चर्चा के दौरान ब्रिटिश मंत्री एनाबेल गोल्डी ने यह भी कहा था कि सरकार ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के 100 साल पूरे होने के मौके को यथोचित व सम्मानित तरीके से याद किए जाने की योजना बनाई है। 

संसद में सरकारी व्हिप एवं बैरोनेस-इन वेटिंग पद संभाल रहीं गोल्डी ने कहा, जहां तक हम जानते हैं कि तत्कालीन सरकार (हत्याकांड के समय की ब्रिटिश सरकार) ने लगातार इस नृशंसता की निंदा की थी, लेकिन इसके बाद किसी भी सरकार ने इसके लिए माफी नहीं मांगी। यही कारण है कि माफी मांगने के लिए 13 अप्रैल का दिन चुना गया है। 

हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन इस घटना को ब्रिटिश इतिहास की शर्मनाक घटना बता चुके हैं। अभी इस बात की आधिकारिक घोषणा तो नहीं हुई है लेकिन कहा जा रहा है कि विदेश सचिव जेरेमी हंट इस दौरान भारत आ सकते हैं।