Home बस्तर संभाग दंतेवाड़ा यूपीएससी में जयपुर के कनिष्क टॉपर, दंतेवाड़ा की नम्रता को 12वां रैंक

यूपीएससी में जयपुर के कनिष्क टॉपर, दंतेवाड़ा की नम्रता को 12वां रैंक

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दंतेवाड़ा की नम्रता

नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सेवा परीक्षा 2018 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। इस परीक्षा में जयपुर के कनिष्क कटारिया टॉपर हैं जबकि दूसरे नंबर पर भी राजस्थान के ही अक्षत जैन हैं। कनिष्क के पिता सांवरमल राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग में निदेशक के पद पर तैनात हैं।

अक्षत के पिता आईपीएस डीसी जैन राजस्थान कैडर के पुलिस अधिकारी हैं। टॉप 25 में 15 लड़के और 10 लड़कियां शामिल हैं। सफल 759 उम्मीदवारों में 577 पुरुष और 182 महिलाएं शामिल हैं। मेरिट लिस्ट में पांचवां स्थान पाने वाली सृष्टि जयंत देशमुख ने महिलाओं मे पहला स्थान पाया है। वे भोपाल के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से केमिकल इंजीनियरिंग में बीई की उपाधि हासिल कर चुकी हैं।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की रहने वाली नम्रता जैन ने मेरिट लिस्ट में 12 वां स्थान प्राप्त किया है। बिलासपुर के वर्णित नेगी ने 13 वां स्थान हासिल किया है। खरगोन की गरिमा अग्रवाल की 40 वीं रैंक है। इंदौर विश्वविद्यालय से पासआउट प्रदीपसिंह की ऑल इंडिया रैंक 93 रही। मेरिट सूची में 1. कनिष्क कटारिया, 2. अक्षत जैन, 3. जुनैद अहमद, 4. श्रवण कुमात, 5. सृष्टि जयंत देशमुख, 6. शुभम गुप्ता, 7. कर्नाटी वरुणरेड्डी, 8. वैशाली सिंह, 9. गुंजन द्विवेदी और 10. तन्मय वशिष्ठ शर्मा हैं।

दंतेवाड़ा में जश्न का माहौल

जिले की व्यवसायिक नगरी गीदम एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार नगर को सुर्खियों में लाने का काम नगर की लाड़ली बेटी नम्रता जैन ने किया है। बहन नम्रता जैन ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 12 वी रैंक हासिल कर नगर , जिले व राज्य को गौरवान्वित किया है। उनके गीदम स्थित आवास में बधाई देने वालो का तांता लगा हुआ है।संयुक्त परिवार में जन्मी नम्रता जैन के पिता झावरलाल जैन ने बताया कि नम्रता पढ़ाई में शुरू से ही तेज थी।

इससे पहले 2016 में भी संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में उन्होंने 99वी रैंक हासिल की थी लेकिन आरक्षण के कारण उनको आईपीएस से संतोष करना पड़ा था। लेकिन नम्रता ने हार नही मानी और आरक्षण के दलदल को आईना दिखाते हुये 2018 की परीक्षा में 12वी रैंक हासिल कर आईंएएस बन गयी। दंतेवाड़ा जिले की पहली आईपीएस और अब पहली आईएएस बनकर आपने न केवल परिवार को बल्कि दंतेवाड़ा जिले के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ को भी गौरवान्वित किया है।