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छत्तीसगढ़ में कोविशील्ड वैक्सीन की कमी, रायपुर में सेंटर ही घटा दिए, कई और राज्यों में भी समस्या

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कोविशील्ड वैक्सीन

रायपुर। केंद्र व राज्य सरकार वैक्सीनेशन में तेजी लाने के लिए हर तरह का प्रयास कर रही है, लेकिन वैक्सीन नहीं होने के कारण टीकाकरण में देरी हो रही है। प्रदेश में कोवैक्सीन नहीं मिलने की शिकायत मिली थी, लेकिन पहली बार कोविशील्ड वैक्सीन की कमी भी शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक अधिकांश केंद्रों में कोवैक्सीन के डोज अधिक मात्रा में भेजे गए, जबकि कोविशील्ड की खुराक कई संेटरों में सप्लाई ही नहीं की गई।

इस वजह से कोविशील्ड की दूसरी डोज लगवाने वालों को सेंटर से लौटना पड़ा। उन्हें अब कोविशील्ड का स्टॉक पहुंचने तक इंतजार करना पड़ेगा। शहर में पिछले दिनों टीके का स्टॉक ज्यादा मिलने पर 105 से अधिक केंद्र बना लिए गए थे। अभी टीके की सप्लाई प्रभावित हुई है। इस वजह से अब संख्या घटाकर 87 कर दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के अनुसार नए स्टॉक की सप्लाई जल्द होगी। स्टॉक आने तक वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। ऐसे जिले जहां स्टॉक ज्यादा है वहां से उधार में टीके मंगवाए जा रहे हैं। यहां स्टॉक आने के बाद वहां सप्लाई कर दी जाएगी।

अभी लोगों में टीके का जो उत्साह बना है उसे आगे भी बनाए रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। वैक्सीनेशन के लिए उत्साहित सभी लोगों के लिए राहत की खबर है कि बुधवार दोपहर तक रायपुर को 60 हजार कोवैक्सीन के नए डोज मिलने वाले हैं। रायपुर ने इसके पहले मुंगेली जिले से 15 हजार टीके उधार में लेकर व्यवस्था की थी। अब 60 हजार टीके और मिल रहे हैं।

राजस्थान समेत कई राज्यों में भी कमी

इसके अलावा राजस्थान, झारखंड और पंजाब में भी कोरोना के टीकों का संकट हो गया है। राजस्थान के 48,761 में से सिर्फ 1,047 टीकाकरण केंद्रांे पर ही टीका पहुंचा। यानी 98 फीसदी वैक्सीन केंद्रों पर एक भी टीका नहीं लगा। राज्य के 15 जिलों में टीका है ही नहीं। एक दिन पहले राज्य सरकार को केंद्र से दो लाख टीके मिले थे। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि टीकाकरण की रफ्तार तेज की गई थी। लेकिन केंद्र से टीकों की आपूर्ति न होने से संकट आ गया। अब दो जुलाई को टीकों की अगली खेप मिलने की उम्मीद है। वहीं पंजाब में कोविशील्ड टीका खत्म हो गया है। कोवैक्सीन की डोज नाममात्र बची है।