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नेता मंत्रियों को अब दो महीने विश्राम गृहों में नहीं मिलेगी जगह और न ही लजीज भोजन

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नेता मंत्रियों को अब दो महीने विश्राम गृहों में नहीं मिलेगी

अम्बिकापुर। लोकसभा निर्वाचन के लिए आचार संहिता प्रभावशील होने के बाद निर्वाचन समाप्ति की तिथि के मध्य कोई भी राजनैतिक दल के व्यक्ति, मंत्रीगण, सार्वजनिक उपक्रमों के पदाधिकारी, शासकीय अथवा अर्द्धशासकीय विश्राम भवनों, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस में निर्वाचन का प्रचार-प्रसार अथवा राजनैतिक उद्देश्य से न तो ठहर सकेंगे और न ही वहां पर राजनैतिक गतिविधियां संचालित कर सकेंगे।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सारांश मित्तर ने बताया है कि पात्रतानुसार तथा उपलब्धतानुसार उन्हें इन विश्राम भवनों, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस आदि में कक्ष उपलब्ध कराया जा सकता है, किन्तु इस हेतु भोजन आदि की व्यवस्था नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पात्रतानुसार ठहरने वाले व्यक्ति से निर्धारित राशि जमा कराकर विधिवत रसीद दी जाएगी।

टेलीफोन हेतु पृथक से रजिस्टर रखा जाएगा तथा किए गए कॉल की निर्धारित राशि तुरंत प्राप्त कर ली जाएगी। किसी प्रकार राजनैतिक बैठक अथवा विचार के संबंध में नाम, पता, ठहरने का प्रयोजन ली गई राशि इत्यादि का सभी व्यौरा अंकित किया जाएगा। जब भी प्रेक्षक या निर्वाचन आयोग के पदाधिकारी इन अभिलेखों की मांग करेंगे तो उन्हें अवलोकन हेतु अभिलेख उपलब्ध कराया जाएगा।

शासकीय एवं अर्द्धशासकीय विश्राम भवनों, सर्किट हाउस, गेस्ट हाउस, ऑफिसर्स मेस इत्यादि का आरक्षण जिला मुख्यालय में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी तथा अनुविभागीय मुख्यालयों में एवं अन्य स्थानों पर संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी के द्वारा किया जाएगा। कक्षों के आरक्षण में निर्वाचन आयोग के प्रेक्षक एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं उनके कार्यालय के अधिकारी एवं निर्वाचन कार्य से संबंधित अन्य अधिकारियों की प्राथमिकता निर्धारित की जाएगी।

कलेक्टर ने यह ध्यान रखने कहा है कि निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारीगण, प्रेक्षक आदि के लिए कक्ष सदैव आरक्षित रखें जाएंगे। इसके उपरांत यदि कक्ष उपलब्ध रहते हैं, तो अन्य व्यक्तियों को उल्लेखित किए गए अनुसार आबंटित किए जा सकते है। यह प्रतिबंध निर्वाचन प्रक्रिया समाप्ति तक सम्पूर्ण जिले में प्रभावशील रहेगा।