@ संजय पांडेय

जिला पंचायत सीईओ कांफ्रेंस में पंचायत मंत्री ने दिखाए कड़े तेवर
रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंंत्री अजय चंद्राकर ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के कांफ्रेंस में कड़े तेवर दिखाते हुए सभी सीईओ को साफ-साफ कह दिया है कि मनरेगा में भुगतान की गड़बड़ी और निर्माण कार्यांे की गुणवत्ता की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान निमोरा में सोमवार को हुई प्रदेश भर के सीईओ कांफ्रेंस में राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने सबसे पहले मनरेगा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायतीराज, श्यामाप्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन, मिशन अंत्योदय, प्रधानमंत्री सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा की। अजय चंद्राकर ने मनरेगा की समीक्षा करते हुए कहा
कि यह गरीबी उन्मूलन से जुड़ी योजना है और इसके क्रियान्वयन से लाखों लोगों की भलाई हो सकती है। उन्होंने विभागीय योजना में स्व सहायता समूह को जोडऩे और उनके सदस्यों की आमदनी बढ़ाने पर भी जोर दिया। अजय चंद्राकर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रमिक और भूमिहीन परिवारों को बिना किसी विलंब के जॉब कार्ड उपलब्ध कराया जाए।

आजीविका मिशन बिहान और मिशन अंत्योदय की समीक्षा
अजय चन्द्राकर ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान और मिशन अंत्योदय की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को स्थानीय स्तर पर बाजार की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए ऐसे गतिविधियों से जोड़ा जाए। चन्द्राकर ने कहा कि जहां मंदिर और पर्यटन स्थल है, जहां पर्यटकों और श्रद्धालु अधिक संख्या में आते हैं, ऐसे स्थानों पर समूह के महिलाओं को फूलों की खेती, चुनरी, पूजा सामाग्री आदि की गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए। इसी प्रकार फ्लाई एश ईंट निर्माण, मशरूम उत्पादन, सीमेंट पोल निर्माण सहित फूड प्रोसेसिंग, बांस शिल्प, काष्ठशिल्प, ढोकरा कला, रेशम वस्त्र निर्माण, कुक्कुट पालन और कृषि संबंधी गतिविधियों से जोड़े ताकि उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं बाजार उपलब्ध हो सके।

वृक्षारोपण करने के निर्देश
बैठक में चन्द्राकर ने माह जुलाई, अगस्त में विशेष तौर पर नदी-नालों के किनारे वृहद रूप से वृक्षारोपण करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों में स्व सहायता समूहों के उत्पादों के विक्रय हेतु बाजार उपलब्ध कराने के लिए दो-दो दुकान निर्माण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आरपी मंडल, सचिव पीसी मिश्रा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान के संचालक एमके त्यागी, संचालक पंचायत संचालनालय, तारण सिन्हा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक नीेलेश क्षीरसागर सहित सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री चन्द्राकर 8 मई को सवेरे 10 बजे से प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रशिक्षण संस्थान सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
मनरेगा में मिला 1189 लाख मानव दिवस का काम
वित्तीय वर्ष 2017-18 में मनरेगा के तहत कुल 38 लाख परिवार पंजीकृत है। मांग के आधार पर 23.26 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। योजना के तहत एक हजार लाख मानव दिवस रोजगार सृजन करने का लक्ष्य था, जिसके विरूद्ध एक हजार 189 लाख लगभग 120 प्रतिशत मानव दिवस रोजगार सृजित किया गया। इसमें अनुसूचित जाति के 116 लाख, जनजाति के 444 लाख और अन्य परिवारों के लिए सृजित रोजगार 596 लाख मानव दिवस है। इसके अतिरिक्त मनरेगा से वित्तीय वर्ष 2016-17 में 40 हजार डबरी निर्माण का लक्ष्य था, जिसके विरूद्ध 29 हजार 167 डबरी स्वीकृत की गई। इसमें से 27 हजार 638 डबरी निर्माण पूर्ण हो गया है तथा 1107 डबरी निर्माण प्रगति पर है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2017-18 में 30 हजार 400 डबरी निर्माण का लक्ष्य था, जिसके विरूद्ध 37 हजार 955 की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें 15 हजार 833 कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा 12 हजार 904 कार्य प्रगति पर है। योजना के तहत नवीन तालाब निर्माण का लक्ष्य था, जिसके विरूद्ध लगभग तीन हजार 900 तालाब निर्माण पूर्ण हो चुके है और लगभग 900 तालाब प्रगति पर है। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में लगभग 24 हजार कुुआं निर्माण का लक्ष्य था इसके विरूद्ध सात हजार से अधिक कुआं का निर्माण पूर्ण हो चुके है तथा लगभग आठ हजार कुआं का निर्माण प्रगति पर है। अभिसरण के तहत सात हजार 369 आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लक्ष्य के विरूद्ध तीन हजार 831 कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा ढाई हजार भवन निर्माण जारी है। मंत्री श्री चन्द्राकर ने निर्माण कार्य सहित अन्य लंबित कार्यों को 30 मई तक पूर्ण करने के निर्देष दिए।