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नई व्यवस्थाः छत्तीसगढ़ में ब्लैक फंगस के बारे में डाॅक्टर को सरकार को देनी होगी सूचना

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ब्लैक फंगस

रायपुर। कोरोना के साथ अब ब्लैक फंगस ने भी चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में ब्लैक फंगस को सरकार नोटिफाइबल डिसीज घोषित कर दिया गया है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य डाॅ. आलोक शुक्ला ने बताया कि विधि विभाग से अनुमति मिल गई है, इसे राजपत्र में अधिसूचित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे महामारी नहीं घोषित किया गया है। राज्य में ऐसी स्थिति नहीं है। हमने नोटिफाइबल डिसीज घोषित किया है। इसके मायने यह है कि जब भी किसी डाॅक्टर के पास ब्लैक फंगस का कोई केस आएगा, वह उसे तुरंत राज्य सरकार को सूचित करेगा।

अधिसूचित व्याधि के रूप में दर्ज होने का अर्थ महामारी नहीं है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक ब्लैक फंगस के अब तक 102 प्रकरण पाए गए हैं और मौत का आंकड़ा केवल एक है। इनमें अधिकांश रायपुर से हैं क्योंकि उपचार के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लोग यहीं आ रहे हैं। ब्लैक फंगस को लेकर जो अब तक अध्ययन हैं वे बार बार एक ही नतीजे की ओर जा रहे हैं और यह नतीजा है कि अनियंत्रित मधुमेह के मरीज को यह बीमारी परेशान करती ही है।

कोरोना संक्रमण काल में जबकि ऐसे मरीजों को हाई डोज स्टेरायड दिया गया तो यह व्याधि व्यापक रूप में सामने आई है। इससे पहले कोई व्यक्ति, संस्था द्वारा प्रिंट, इलेक्ट्रानिक मीडिया या अन्य प्रकार के मीडिया का उपयोग स्वास्थ्य विभाग की अनुमति के बिना नहीं कर पाएगा। ऐसा करने पर अपराध दर्ज होगा।