Home राज्य छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव में पहली बार नोटा और त्रिकोणीय संघर्ष

छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव में पहली बार नोटा और त्रिकोणीय संघर्ष

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नोटा

निकाय चुनाव वोटिंग 21 दिसंबर को, नतीजे 24 को, पार्षद चुनेंगे महापौर और नपा अध्यक्ष
रायपुर
। छत्तीसगढ़ में शहरी सत्ता के लिए एक ही चरण में 21 दिसंबर को चुनाव होगा, जबकि नतीजे 24 दिसंबर को आएंगे। ऐसा पहली बार है जब प्रदेश में शहरी सत्ता के लिए भाजपा, कांग्रेस व जोगी कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय संघर्ष होगा। इस बार वोटिंग बैलेट पेपर से होगी, जिसमें नोटा का भी विकल्प होगा।

इस बार पार्षद ही महापौर व नपा अध्यक्ष चुनेंगे। पहली बार नामांकन भरने के लिए ऑनलाइन सुविधा दी जा रही है। नामांकन 30 नवंबर से 6 दिसंबर तक भरे जा सकेंगे। बीरगांव के एक व भिलाई नगर निगम के दो वार्डों में पार्षदों के उप चुनाव भी होंगे। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। चुनाव ऐलान के बाद आचार संहिता लागू हो गई है।

छत्तीसगढ़ में आसानी से एक चरण में चुनाव कराए जा सकते हैं। वजह यह कि हमारे पास पर्याप्त संसाधन व सुविधाएं हैं। सुरक्षा के इंतजाम हैं। पार्षदों के चुनाव बाद महापौर का चयन करने प्रक्रिया शुरू होगी। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि विधानसभा सत्र और चुनाव आयोग की प्रक्रिया के बीच कोई संवैधानिक अड़चन नहीं है। न ही 28 नवंबर को निकाय चुनाव को लेकर हाइकोर्ट में होने वाले फैसले से कोई लेना-देना है। आयोग और कोर्ट अलग-अलग संवैधानिक संस्थाएं हैं और वे अपना-अपना काम कर रहे हैं।

तीन वार्डों में होंगे उप चुनाव रू प्रदेश में कुल 168 निकाय हैं। इनमें से 151 में चुनाव कराए जा रहे हैं। इनके अलावा बीरगांव नगर निगम के वार्ड नंबर 27 और भिलाई नगर निगम के वार्ड नंबर 3 व 10 में पार्षद चुनने के लिए उप-चुनाव भी होंगे।

ऑनलाइन भरे जाएंगे नामांकन

नगरीय निकाय चुनाव में पहली बार प्रत्याशियों को ऑनलाइन फार्म भरने की सुविधा दी जा रही है। उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन फार्म भर सकते हैं। इसके साथ जरूरी डॉक्यूमेंट स्कैन करके अटैच करना जरूरी है। इसकी वजह से फार्म भरने के बाद प्रत्याशियों के दस्तावेज गायब होने की शिकायतें दूर होंगी। सिर्फ एक बार इन दस्तावेजों के सत्यापन के लिए उम्मीदवारों को कलेक्टोरेट में रिटर्निंग अफसर के समक्ष उपस्थित होना होगा। इस दौरान फार्म में कोई त्रुटि रह गई है तो भी उसे सुधारा जा सकता है। आयोग का दावा है कि ऑनलाइन फार्म भरने से पारदर्शिता आएगी। साथ ही प्रदेशभर के आंकड़े भी अपडेट होते रहेंगे।