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बिना पंजीयन संचालित हॉस्पिटल में ऑपरेशन की सुविधा और कौशल विकास उन्नयन में प्रशिक्षण प्राप्त युवतियां नर्स बनकर कर रही कार्य, नही है मेडिकल की डिग्री, अनट्रेंड डॉक्टर व नर्सों के भरोसे मरीज…नर्सिंग होम एक्ट के गाईडलाइन की खुलेआम उड़ रही धज्जियां

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बिना पंजीयन संचालित हॉस्पिटल

बालोद। जिले में बिना पंजीकरण के अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। यहीं नहीं इनमें कार्य करने वाले कई चिकित्सकों और कर्मचारियों के पास न तो कोई डिग्री है और न ही किसी प्रकार का डिप्लोमा। इसके बाद भी बेहतर उपचार की सुविधा मुहैया कराने का दावा किया जा रहा है। नर्सिंग होम एक्ट के तहत बिना पंजीयन के संचालित अनुष्का हास्पिटल में अनट्रेंड डॉक्टर व स्टाफ नर्सों के द्वारा 24 घँटे मरीजों की भर्ती के साथ ऑपरेशन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।

इतना ही नही कौशल विकास उन्नयन में कोर्स पूरा कर चूकी व प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी युवतियों को स्टॉफ नर्स बनाकर कार्य करवाया जा रहा हैं। उक्त हॉस्पिटल में कार्य कर रही युवतियों के पास सिर्फ कोर्स कंप्लीट का प्रमाण पत्र है कोई मेडिकल की डिग्री नही। सारे नियम कायदों को ताक में रख 10 बिस्तर हॉस्पिटल का संचालन किया जा जा रहा हैं। नर्सिंग होम एक्ट की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

एक भी नर्सिंग होम का वेरिफिकेशन नहीं-
जिले में चल रहे किसी भी नर्सिंग होम का आज तक वेरिफिकेशन नहीं किया गया है। न तो जिला प्रशासन ने कभी पूछ-परख की, न ही स्वास्थ्य विभाग ने कभी स्टाफ के क्वालिफिकेशन के बारे में पूछताछ की। मरीज और परिजनों ने भी कभी तहकीकात नहीं की। ऐसे अस्पतालों की असलियत सामने आ जाए तो जिले में संचालित कई स्पेशलिटीज और सुपरस्पेशलिटी के दावे करने वाले कई अस्पताल बंद हो सकते हैं। जिसका जीता जनता उदाहरण अनुष्का हॉस्पिटल हैं। जहां कौशल विकास प्रशिक्षण अंतर्गत कोर्स पूरा कर चुकी युवतियों को स्टाफ नर्स बनाकर कार्य लिया जा रहा हैं और ऐसा नही हैं कि इस बात की जानकारी जिला स्वास्थ्य विभाग को नही हैं। लेकिन जिम्मेदार यहाँ गैरजिम्मेदाराना कार्य का परिचय देते हुए नोटिस देकर खानापूर्ति कर रहे हैं।

नर्सिंग होम एक्ट का नही हो रहा पालन

शासन के नियंत्रण से बाहर रहकर मनमर्जी चलाने वाले अस्पतालों पर अंकुश लगाने के लिए ही नर्सिंग होम एक्ट लाया गया हैं। इसमें प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ, गुणवत्ता आदि कई बातें शामिल हैं, जिनसे काफी हद तक गड़बड़ी रुकने की पूरी संभावना है। इस एक्ट के तहत शासन और स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त अधिकार हैं। इसके तहत नर्सिंग होम की चेकिंग कर उसे तय मापदंड का पालन करने कहा गया हैं।

आदेश की अवहेलना करने पर विभाग के पास कार्रवाई का अधिकार भी होता है, लेकिन एक्ट के नियमों को सही मापदंड से पूरा करवाने में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार भी लापरवाही बरत रहे हैं। बिना पंजीयन के ही नर्सिंग होम खोले जा रहे हैं। जिसपर नोटिस देकर महज स्वास्थ्य विभाग खानापूर्ति कर रहा हैं।

“बिना पंजीयन संचालित अनुष्का हॉस्पिटल को हमारे द्वारा नोटिस देकर प्रमाण पत्र मिलने तक हॉस्पिटल संचालन एवं मरीज की भर्ती नही करने कहा गया हैं, अगर इसके बावजूद उनके द्वारा हॉस्पिटल का संचालन कर मरीजों की भर्ती की जा रही होगी तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी और बिना मेडिकल डिग्री के किसी को भी स्टॉफ नर्स कार्य मे रखा गया होगा तो उसपर भी कार्यवाही की जाएगी।”
डॉ. श्री रावटे, नोडल अधिकारी एवं बीएमओ, गुरुर