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रूढ़ि परम्परा और देव सीमा के आधार पर ग्राम पंचायत के क्षेत्रफल के निर्धारण की मांग पर कासोली के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

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रूढ़ि परम्परा और देव सीमा के आधार पर ग्राम पंचायत के क्षेत्रफल के निर्धारण की मांग पर कासोली के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

गीदम

आज ग्राम पंचायत कासोली जनपद गीदम के ग्रामीणों ने समलूर ग्राम पंचायत के साथ चल रही पंचायत सीमा विवाद को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्राम पंचायत कासोली के ग्रामीणों का आरोप है समलूर ग्राम पंचायत के निवासी उनके उनकी पंचायत के आश्रित ग्राम जपोड़ी की जमीन पर बेजा कब्जा कर रहे है। इसके लिये विगत 3-4 माह पूर्व से ग्राम पंचायत कासोली का ग्राम पंचायत समलूर के साथ विवाद चल रहा है। और भविष्य में यह विवाद काफी विकराल रूप ले सकता है। क्योंकि दोनों ग्राम पंचायतों की सीमा एक दूसरे से जुड़ी हुई है।

और हमारा दंतेवाड़ा जिला अनुसूचित जाति बाहुल्य जिला है और यहाँ 5वी अनुसूची लागू है। 5वी अनुसूची लागू क्षेत्रों में रूढ़ि परम्परा एवं देव सीमा के आधार पर ग्राम पंचायतों के क्षेत्रफल का निर्धारण किया जाता है। हमारे देश के संविधान में भी रूढ़ि परम्परा एवं देव सीमा को 5वी अनुसूची लागू क्षेत्रों में सर्वोच्च माना गया है। और इसी के आधार पर ग्राम पंचायत कासोली और आश्रित ग्राम जपोड़ी के भूमिहीन ग्राम वासियो को निवास व अन्य कार्य के लिये शासन द्वारा वन अधिकार पट्टा जारी किया गया है ।

और इसके अतिरिक्त अन्य कई ग्रामीण विगत कई वर्षों से जपोड़ी में देवी सीमा क्षेत्र में निवासरत व काबिज है। हमारे जपोड़ी की देवी सीमा ग्राम पंचायत समलूर की देवी सीमा से जुड़ी हुई है। इस सीमा को लेकर दोनों ग्राम पंचायत के ग्रामीणों में काफी विवाद चल रहा है। जिसे ध्यान में रखते हुए रूढ़ि परम्परा और देव सीमा के आधार पर दोनों ग्राम पंचायतों के क्षेत्र का निर्धारण करना अतिआवश्यक है। अपने ग्राम पंचायत की सीमा के निर्धारण की ग्रामीणों ने मांग की और इस हेतु ज्ञापन भी सौपा।