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पंचायत भवन बन रहा अय्याशी का अड्डा, पंचायत भवन के स्टोर रूम में पड़ी मिली शराब की खाली बोतलें

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पंचायत भवन बन रहा अय्याशी का अड्डा, पंचायत भवन के स्टोर रूम में पड़ी मिली शराब की खाली बोतलें

रवि भूतड़ा
बालोद।
पंचायत भवन को जिम्मेदार लोगों ने अय्याशी का अड्डा बना कर रख दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनो की शुरुआत करने वाले ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों द्वारा स्वच्छ भारत मिशन को ग्रहण लगा कर रख दिया है। बालोद विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत भोईनापार में पंचायत भवन इन दिनों अय्याशी एक अड्डा बन गया है।

भवन के एक स्टोर रूम में देसी शराब की 5-6 खाली बोतल रखी पड़ी मिली हैं। इतना ही नहीं पंचायत भवन के बाहर तरफ भी शराब की खाली बोतल और प्लास्टिक के गिलास पड़े मिले हैं। जब उक्त मामले में पंचायत भवन में मौजूद उपसरपंच तथा रोजगार सहायक से पूछा गया तो वो कहने लगे की अधिकतर भवन में भृत्य रहता ही है। शायद वह ही यहां पंचायत भवन में शराब का सेवन करता होगा। यह कहना गलत नहीं होगा की आजकल शासकीय भवनों में कार्य ख़त्म होते ही शाम को अय्याशी का अड्डा बन जाता है, जहां पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं पंचायतकर्मी मदिरा का सेवन करते हैं।

भवन के अंदर गंदगी का आलम, भवन भी हुआ जर्जर
स्वच्छ भारत मिशन को यहां के जिम्मेदार ही पलीता लगा रहे हैं। पंचायत भवन के अंदर गंदगी का ऐसा आलम है कि देखने से प्रतीत होता है कि यहां महीनां साफ़ सफाई नहीं होती। जिम्मेदार ही इसकी सुध लेना भूल गए हैं। गांव के ग्रामीणों ने भी बताया कि पंचायत के अंतर्गत निर्मित हुए शौचालयों की स्थिति भी अत्यंत दयनीय है। अधिकांश तो जर्जर हो गए हैं, वहीं कई शौचालयों के तो दरवाजे और सीट ही उखड गए हैं।

उपसरपंच उत्तम कुमार ने सरपंच मनोज पर आरोप लगाते हुए कहा कि- सरपंच द्वारा शौचालय निर्माण की राशि का बंदरबाट किया गया है। शौचालय निर्माण की राशि 2 लाख 52 हजार रूपये को सरपंच ने व्यक्तिगत बैंक खाते में रख निजी उपयोग में खर्च किया है। जिसकी शिकायत उपसरपंच उत्तम कुमार ने कलेक्टर जनदर्शन में भी की है।


उपसरपंच ने आगे बताया की ग्राम पंचायत भोईनापार में 3 साल पहले नए पंचायत भवन के लिए नए राजीव गांधी केंद्र का निर्माण किया गया था। लाखों की लागत से बने उक्त भवन के निर्माण कार्यों में भी भारी भ्रष्टाचार किया गया है। गुणवत्ताहीन कार्य होने के चलते अभी से जगह-जगह दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं। कई जगहों में तो छड़ भी निकल दिखाई दे रही है। बारिश के समय अंदर दीवार में सीपेज भी पड़ता है जिससे भविष्य में दीवारें कमजोर हो सकती हैं।