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साप्ताहिक अवकाश से पुलिसकर्मियों के चेहरे खिले, किसी ने परिवार के साथ बिताया पूरा दिन, तो कोई पत्नी और बच्चों के साथ गया बाहर घुमने…किसी ने पत्नी के साथ किया कैंडल लाईट डिनर

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साप्ताहिक अवकाश से पुलिसकर्मियों

बालोद- दिन में 12 से 16 घंटे नौकरी, 12 महीने सातों का दिन का काम, जिले के पुलिस महकमे में नौकरी करने वाले जवानों, अधिकारीयों को पहली बार जब साप्ताहिक अवकाश मिला तो उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानों कोई खोया खजाना मिल गया हो, बालोद जिले के सभी थानों एवं चौकियों में अवकाश के रोस्टर लागू होने के बाद पुलिसकर्मियों को छुट्टी मिलनी शुरू हो गई हैं, एसपी एमएल कोटवानी ने एक जून से जिलेभर के पुलिसकर्मियों के लिए साप्ताहिक अवकाश की शुरुआत कर दी हैं.

लम्बे अरसे बाद जिन्हें अवकाश मिला उनमे से कुछ तो माता-पिता से मिलने पहुच गए, तो कुछ ने पूरा दिन अपने परिवार को देते हुए उनके साथ घुमने के लिए निकल गए, वही कुछ सिपाहियों ने एक दिन की छुट्टी में केवल घर में आराम फ़रमाया, साप्ताहिक अवकाश के इस सौगात ने ना केवल पुलिसकर्मियों के चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया बल्कि इससे उनके परिवार के भी चेहरे खिल उठे, लोकसभा चुनाव समाप्त होने के बाद जिले के सभी थानों, चौकियों में पदस्थ पुलिसकर्मियों को अब सप्ताह में एक दिन छुट्टी मिलना प्रारम्भ हो गया हैं.

सिपाही से लेकर थाना प्रभारियों को भी वीकली ऑफ़

थाना में तैनात सिपाही से लेकर थाना प्रभारियों को भी वीकली ऑफ़ मिल रहा हैं, छुट्टी का रोस्टर थाना प्रभारियों ने थाना में उपलब्ध बल और तैनाती को देखते हुए बनाया हैं, जिसे एसपी एमएल कोटवानी ने भी स्वीकृति दे डी हैं, रोस्टर के हिसाब से कर्मचारियों को छुट्टी देना भी शुरू कर दिया हैं, जिले से लगभग 40 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने अवकाश लिया हैं, सप्ताह में एक दिन परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलने से पुलिस परिवार खुश हैं और पुलिस कर्मचारी इस छुट्टी के उपयोग को पारिवारिक कार्यों में शामिल होकर रहे हैं.

इससे उन पर काम का दबाव भी कम हो रहा हैं, पुलिस कर्मियों को साप्ताहिक छुट्टी के मामले में पुलिस परिवार के रुख को देखते हुए राज्य सरकार ने पुलिस कर्मियों की छुट्टी को मंजूरी दे दी हैं, साथ ही सभी पुलिस पुलिस अधीक्षकों को थाना में पुलिस बल की तैनाती और थानों की आवश्यकता को देखते हुए थाना प्रभारी से लेकर आरक्षक तक को साप्ताहिक छुट्टी देना शुरू कर दिया हैं, लोकसभा चुनाव के बाद छुट्टी की सौगात मिलने लगी हैं,

गंगरेल और अंगार मोती घुमने गए

बालोद थाना में पदस्थ एसआई लोकनाथ यादव ने बताया की वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ धमतरी के गंगरेल बाँध और अंगार मोती दर्शन हेतु गए थे, दिनभर अपने परिवार जनों के साथ वहाँ घुमे और फिर बाहर खाना खाया, श्री यादव ने बताया की उन्हें पूरा एक दिन अपन परिवार वालों के साथ रहना बहुत अच्छा लगा,

परिवारजनों के साथ खूब एंजाय किया
बालोद थाना में पदस्थ महिला पुलिस कर्मी अनिता साहू ने बताया की वह सोमवार को अपने निवास स्थान डोंगरगढ़ गई थी, जहाँ वह पुरे दिन अपने परिवार के लोगों के साथ रही और खूब एंजाय किया, अनिता साहू ने आगे बताया की उनका भाई जो जम्मू में बीएसएफ में हैं वह भी छुट्टीयों में घर आया हुआ था, भाई से मिलकर अवकाश पर घर आने की ख़ुशी दुगुनी हो गई, अवकाश ख़त्म होते ही अगले दिन मंगलवार को सुबह वापस अपने ड्यूटी पर तैनात हो गई,

घर के निजी कार्य कर परिवार के साथ बिताया दिन
गुरुर थाना में पदस्थ अभिषेक महोबिया ने बताया की वे अपने घर माता-पिता के पास तो नही जा सके, लेकिन दिनभर अपने घर में रहकर घर का निजी कार्य किए फिर शाम को अपनी पत्नी और बेटी के साथ धमतरी स्तिथ बिलाई माता मंदिर दर्शन के लिए चले गए, पूरा दिन घर में फैमेली के साथ रहकर अच्चा लगा,

पूरा दिन घर में ही बिताया

डौंडी थाना में पदस्थ कांस्टेबल सुएंद्र देशमुख ने बताया की वह अपन गृह ग्राम सिकोसा दनिया गए थे, जहाँ वे दिनभर अपने परिवार के लोगों चाचा-चाची, भैया-भाभी, दादा-दादी और बच्चों के साथ समय बिताया साथ ही दोस्तों से भी मुलाक़ात की, सुरेन्द्र ने बताया की उन्हें एक दिन का अवकाश मिलने और परिवार के लोगों के साथ समय बिताने से बहुत अच्चा लगा,

गार्डन घुमे, शापिंग किया और बाहर खाना खाया
डौंडीलोहारा थाना में पदस्थ आरक्षक खिलावन सिन्हा ने बताया की वे मंगलवार को अपनी पत्नी और बच्चे के साथ धमतरी के मिनी गोवा कहे जाने वाले गंगरेल घुमने गए थे और गार्डन भी घुमे, फिर शाम को शापिंग किया और पत्नी और बच्चों के साथ कैंडल लाईट डिनर भी किया, एक दिन का अवकाश मिलने से और परिवार के साथ समय व्यतीत कर बहुत अच्चा लगा.

“एसपी सर के आदेश पर एक जून से थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों सहित थाना प्रभारियों को साप्ताहिक अवकाश मिलने लगा हैं, पुलिस के जवानों एवं महिला कर्मियों ने अपनी पहली छुट्टी परिवार के साथ बिताया, साप्ताहिक आवक्ष के चलते हमारे जवान अपने परिवार को समय दे पायेगे और इससे उनका कुछ तनाव भी कम होगा,” — डी.आर.पोर्ते, एएसपी बालोद