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सर्वजन सुखाय के लिए राजनीति हो, व्यक्तिगत स्वार्थ को हावी न होने देंः स्वामी निश्चलानंद सरस्वती

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सर्वजन सुखाय के लिए राजनीति हो, व्यक्तिगत स्वार्थ को हावी न होने देंः स्वामी निश्चलानंद सरस्वती

रायपुर। पुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती इन दिनों रायपुर प्रवास पर हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजधर्म ही राजनीति है, सर्वजन सुखाय के लिए नेता राजनीति करें, व्यक्तिगत स्वार्थ को हावी न होने दें। देश में बदलाव आ रहा है। हिंदू जाग रहा है। 15 देश चाहते हैं, कि वे हिंदू राष्ट्र बनें, लेकिन भारत की ओर ताक रहे हैं। पहले भारत हिंदू राष्ट्र बने, आज नहीं तो कल भारत हिंदू राष्ट्र बनेगा।

शंकराचार्य महाराज ने कहा कि राजनीति, धर्म की सीमा, मर्यादा के अंतर्गत की जानी चाहिए। धर्म की सीमा का अतिक्रमण करके राजनीति नहीं की जानी चाहिए। वर्तमान में राजनीति के नाम पर गलत हो रहा है। सर्वधर्म यानी मानव धर्म के हित का ध्यान रखा जाना चाहिए।

शंकराचार्य महाराज ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर पर उन्होंने कहा कि धर्मस्थल कोई भी हो वहां लाउड स्पीकर पर शोरशराबा करके पूजा करने का क्या औचित्य है। हम अपने लिए जैसा व्यवहार चाहते हैं, वैसा ही व्यवहार दूसरों से करना चाहिए। भेदभाव न पालें, कटु वचन न बोलें। द्वेष की भावना न रखें। झूठ की राजनीति न हो, आज कुछ बोला और कल कुछ, यह जनता के साथ छलकपट है।

शंकराचार्य महाराज ने कहा कि काशी, मथुरा हिंदुओं का है तो उसे हिंदुओं को सौंपना ही चाहिए। जो हिंदू नेता दबी जुबान में कहते हैं, उन्हें खुलकर बोलना चाहिए। उनके शरीर में हिंदुओं के लक्षण होने चाहिए। अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें। युवा दिशाहीन न हो इसलिए संस्कार जरूरी है। युवा रोजगार के लिए किसी के भरोसे न रहे, खुद में आत्मविश्वास रखकर मर्यादित जीवन जीते हुए आगे बढ़े।

महाराज ने कहा कि साईं बाबा के नाम पर मंदिरों से देवी देवताओं की प्रतिमा को किनारे करके साईं बाबा को मुख्य स्थान देना गलत है। कोई किसी भी कुल में पैदा हुआ हो, उसके कुल की जानकारी देनी चाहिए। छुपाने से क्या मतलब है, यह तो भक्तों के साथ धोखा है।