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प्रधानमंत्री ने कहा सवर्ण आरक्षण बिल का पास होना ऐतिहासिक, दूर होगी गरीबी-अमीरी के बीच खाई

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प्रधानमंत्री ने कहा सवर्ण आरक्षण बिल का पास होना ऐतिहासिक

आगरा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को आगरा पहुंचे. यहां उन्‍होंने कई योजनाओं का शुभारंभ किया. इसके अलावा उन्‍होंने एक रैली को भी संबोधित किया. लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, आगरा उन शहरों में है, जहां स्‍मार्ट सुविधाएं विकसि‍त हो रही हैं. यहां हमारी प्राथमिकता यमुना को साफ करने की है.

उन्‍होंने रैली को संबोध‍ित करते हुए कहा, कल पूरे देश ने देखा है कि किस प्रकार लोकसभा में एक ऐतिहासिक बिल पास किया गया है. आजादी के इतने दशकों के बाद गरीबी के कारण बढ़ी असमानता को स्वीकार किया गया है. सामान्य श्रेणी के गरीब परिवारों को 10% का आरक्षण मिले, इस तरफ एक महत्वपूर्ण बड़ा कदम उठाया गया. अब सामान्य मानवी के काम आने वाला ज्यादातर सामान यानि करीब-करीब 99 प्रतिशत सामान पर GST 18% से कम है. GST को व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए और सरल करने की प्रक्रिया निरंतर चल रही है.

आर्थिक स्थिति के आधार पर जो हमारे समाज में जो एक खाई बनी है उसके आधार पर दशकों से इसकी मांग चल रही थी. इस मांग को पूरा करने का काम सरकार ने किया है. जो लोग एक दूसरे का मुंह देखने के लिए तैयार नहीं होते थे, वो देश के चौकीदार को हटाने के लिए एक हो रहें है। लेकिन ये चौकीदार बिना डरे, बिना रुके पूरी ईमानदारी से अपना काम करता रहेगा.

GST कोई अलग से लगाया गया टैक्स नहीं है बल्कि पहले जो आप सभी सामान पर या सेवाओं पर दर्जनों टैक्स देते थे, उनको समेटकर कम कर दिया गया है. पहले बहुत सी चीजों पर 30% से भी अधिक टैक्स लगते थे, जो कहीं दिखते नहीं थे. अब जितना टैक्स आप देते हैं उतना दिखता भी है, यही पारदर्शिता है.

विधेयक का पारित होना ऐतिहासिक कदम

मोदी ने यहां एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि लोकसभा में इस विधेयक का पारित होना उन लोगों के लिये करारा जवाब है जो इस बारे में झूठ फैला रहे हैं. मोदी ने लोकसभा में इस विधेयक के पारित होने को ऐतिहासिक कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य हाशिये के लोगों को ऊपर उठाना है. उन्होंने कहा कि इससे इस बात का भी पता चलता है कि सरकार उन लोगों को प्राथमिकता देने के लिये प्रतिबद्ध है जिन्हें मदद की सबसे ज्यादा जरूरत है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए राज्यसभा के सदस्य भी इस विधेयक को पारित करेंगे. उन्होंने कहा कि इस विधेयक से दलितों तथा जनजातीय समुदायों समेत पिछड़े वर्गों के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.