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104 घंटे बाद बोरवेल से सुरक्षित निकला राहुल, ओपोला में चल रहा इलाज

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104 घंटे बाद बोरवेल से सुरक्षित निकला राहुल, ओपोला में चल रहा इलाज

बिलासपुरजिले के पिरदीह गांव में बोरवेल में फंसे 104 घंटे के बाद राहुल को निकाल लिया है। 11 साल के मासूम को निकालने के बाद बिलासपुर अस्पताल ले जाया गया है, जहां आज इलाज चल रह है। इस बीच, पूरे प्रकरण में पल-पल की अपडेट ले रहे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल को बहादुर बच्चा बताते हुए ऑपरेशन में शामिल पूरी टीम को बधाई देने के साथ धन्यवाद दिया है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रेस्क्यू ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए थे। वो राहुल के परिजनों के संपर्क में थे। मंगलवार रात उन्होंने सोशल मीडिया पर रेस्क्यू ऑपरेशन कामयाब होने की जानकारी दी। ब्ड ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान गड्‌ढे में एक सांप भी आ गया था। मगर खतरा टल गया। काफी लोग घटनास्थल के पास मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत ग्राम पिहरीद में पिछले दिनों बोरवेल के गड्ढे में गिरे 10 साल के राहुल ने आखिरकार जिंदगी की जंग जीत ली। 104 घंटे तक लगातार चले रेस्क्यू के बाद मंगलवार की रात उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। यह पल सभी के लिए खुशियों भरा था। बाहर आते ही उसे चिकित्सकों की निगरानी में एंबुलेंस से बिलासपुर के अपोलो अस्पताल रवाना कर दिया गया। इसके लिए दोपहर से ही ग्रीन कारिडोर बनाकर तैयारी कर ली गई थी। बोरवेल के गड्ढे में गिरे किसी बच्चे को बचाने के लिए इसे देश का सबसे बड़ा रेस्क्यू माना जा रहा है।

दरअसल, पिछले शुक्रवार को दोपहर करीब तीन बजे मालखरौदा ब्लाक के पिहरीद निवासी रामकुमार उर्फ लालाराम साहू का बेटा राहुल खेलते-खेलते बाड़ी में बने बोरवेल के खुले गड्ढे में गिर गया था। तब से उसे निकालने के लिए लगातार चले रेस्क्यू के बाद मंगलवार की रात 11.56 बजे उसे निकाल लिया गया।

इस पूरे अभियान में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), गुजरात की रोबोटिक टीम, जिला प्रशासन, पुलिस के साथ ही अंत में सेना के जवानों ने निर्णायक भूमिका निभाई। राहुल को सकुशल निकालने के लिए चार पोकलेन, छह जेसीबी, तीन फायर ब्रिगेड, हाईड्रा मशीन, स्टोन ब्रेकर, 10 ट्रैक्टर, ड्रील मशीन, होरिजेंटल ट्रंक मेकर आदि लगाई गई थीं।