Home क्राइम राय v/s शुक्ला- आरके राय की रिवीजन अपील प्रथम अति. सत्र न्यायाधीश...

राय v/s शुक्ला- आरके राय की रिवीजन अपील प्रथम अति. सत्र न्यायाधीश ने की स्वीकार, अभिषेक को 4 अप्रैल को उपस्तिथ होने का समंस जारी

11
राय v/s शुक्ला- आरके राय की रिवीजन अपील प्रथम अति. सत्र न्यायाधीश ने की स्वीकार

बालोद। जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सभापति अभिषेक शुक्ला ने जोगी कांग्रेस के नेता व गुंडरदेही के पूर्व विधायक राजेन्द्र राय के खिलाफ जून 2018 को न्यायायिक मजिस्ट्रेट महोदय बालोद के न्यायालय में मानहानि की धारा 500 भादवि सहित विभिन्न धाराओं में अपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु परिवाद पेश किया था। जिस पर माननीय न्यायालय ने 6 फरवरी 2019 को सुनवाई करते हुए राजेन्द्र राय के खिलाफ धारा 500, 153 (ख),295 (क), 505, 506 भादवि एवं आईटीएक्ट की धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध करने का आदेश जारी किया था।

जिसकेबाद आरके राय ने प्रथम अति. सत्र न्यायाधीश विजय कुमार मिंज के समक्ष पहले के आदेश पर रिवीजन के लिए अपील लगाई थी। जिसको 13 मार्च को स्वीकार करते हुए 6 अप्रैल 2019 को अभिषेक शुक्ला को न्यायालय में उपस्तिथ होने का आदेश न्यायाधीश ने जारी किया हैं। उल्लेखनीय हैं कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने मई 2018 को दुर्ग में रोड शो एवं सभा को सम्बोधित किया था।

वही जोगी कांग्रेस के नेता गुंडरदेही के पूर्व विधायक राजेन्द्र राय ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के कार्यक्रम में आई भीड़ पर बयान देते हुए राहुल गांधी को “मदारी” की संज्ञा दी थी। इस मामले में बालोद जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक शुक्ला ने राजेन्द्र राय का जमकर विरोध किया और अपने राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी पर दिए बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राजेन्द्र राय अपनी औकात में रहकर बात करने की बात बात कही थी।

उक्त मामले को लेकर अभिषेक शुक्ला ने सुरेगांव थाने में लिखित शिकायत भी की थी।परंतु पुलिस द्वारा राजेन्द्र राय के ऊपर कोई कार्यवाही नही किये जाने पर अभिषेक शुक्ला ने न्यायालय में गुहार लगाई थी। जिस पर 6 फरवरी 2019 को माननीय न्यायालय ने विभिन्न धाराओं के अंतर्गत राजेन्द्र राय के खिलाफ आपराधिक मामला पंजीबद्ध करने का आदेश किया था तथा उन्हें उपस्थित होने नोटिस भी जारी किया था।

जिसके बाद आरके राय ने प्रथम अति. सत्र न्यायाधीश के समक्ष उक्त आदेश के तहत रिवीजन के लिए अपील की गई थी। जिसे स्वीकार करते हुए प्रथम अति. सत्र न्यायाधीश ने 6 अप्रैल 2019 को अभिषेक शुक्ला को न्यायालय में उपस्तिथ होने का समंस जारी किया हैं।