Home राज्य छत्तीसगढ़ ‘जीवन सुगमता सूचकांक’ में रायपुर 7वें और बिलासपुर 13वें नंबर पर

‘जीवन सुगमता सूचकांक’ में रायपुर 7वें और बिलासपुर 13वें नंबर पर

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जीवन सुगमता सूचकांक

रहने के मामले में पुणे सबसे अव्वल शहर, दिल्ली टॉप 50 से बाहर, यूपी का रामपुर फिसड्डी

नई दिल्ली। देश भर के शहरों में रहने के लिए एक सर्वे ईज ऑफ लिविंग इंडेक्स की सूची जारी का गई जिसमें रहने के मामले में अव्वल शहरों का नाम है। केंद्रीय शहरी मामलों में मंत्रालय द्वारा आज जारी की गई 111 बड़े शहर लिस्ट में टॉप 10 शहरों में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश ने भी जगह बनाई है। इसमें रायपुर 7वें और जिला बिलासपुर 13वें नंबर पर है।

इस सूची के अनुसार रहने के मामले में पुणे देश का नंबर एक शहर है, वहीं देश की राजधानी दिल्ली का नाम टॉप 10 तो क्या टॉप-50 में भी नहीं है। वहीं नवी मुंबई और ग्रेटर मुंबई क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर है।

मंत्रालय द्वारा जारी जीवन सुगमता सूचकांक (लिवेबिलिटी इंडेक्स) में रहने लायक टॉप 10 शहरों में महाराष्ट्र के तीन शहर शामिल हैं जबकि बड़े शहरों के मामले में अव्वल उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु का कोई भी शहर टॉप 10 में जगह नहीं बना सका।

गौरतलब हो कि भारत सरकार आवासन और शहरी मंत्रालय ने दिसंबर 2017 में भारत के 111 बड़े शहरों में नागरिकों के जीवन यापन हेतु उपलब्ध सुविधाओं के आकलन के लिए सर्वेक्षण कराया। इस सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ प्रदेश के दो निकायों रायपुर और बिलासपुर को सम्मिलित किया गया था। सर्वेक्षण के बाद सोमवार को रिपोर्ट जारी की। जिसमें रायपुर को सातवें और बिलासपुर 13वें स्थान पर जगह बनाने में कामयाब रहा।

111 बड़े शहरों के बारे में जारी इस सूची में राजधानी दिल्ली काफी पिछड़ गई। बता दें कि इस साल दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर काफी बवाल मचा था। टॉप 10 शहरों में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजधानियों को जगह मिली है।

उत्तर प्रदेश का रामपुर शहर इस सूची में सबसे अंतिम पायदान पर है। टॉप 10 शहरों की सूची में चौथे नंबर पर तिरुपति, पांचवें नंबर पर चंडीगढ़, छठे नंबर पर ठाणे, 7वें नंबर पर रायपुर, आठवें नंबर पर इंदौर, नौवें नंबर पर विजयवाड़ा और दसवें नंबर पर भोपाल है।

नया रायपुर सर्वे के पैरामीटर में नहीं बैठा फिट

नया रायपुर और अमरावती सर्वे के पैरामीटर में फिट नहीं बैठे क्योंकि ये ग्रीनफील्ड सिटी हैं। सर्वे में शहरों को 100 अंकों के जरिए 15 कैटिगरी और 78 मानकों पर कसा गया। संस्थानिक और सोशल पैरामीटर के 25-25 अंक निर्धारित थे। सबसे ज्यादा नंबर फिजिकल पैरामीटर के थे और 5 अंक इकनॉमिक पैरामीटर के थे।

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