मरीजों की संजीवनी वाहन को चाहिए संजीवनी, अस्पताल तक पहुंचने नहीं मिल रही सरकारी वाहन की मदद

@ मोहसिन खान
रायगढ़।
108 एंबुलेंस के जरिए गरीब तबके के लोगों को बीमार होने से अस्पताल तक मुफ्त पहुंचाने की सुविधा का सरकार ने जोरदार प्रचार किया पर हकीकत से कोसो दूर 108 सेवा देने वाली एंबुलेंस इतनी बीमार है कि उनके इलाज के लिए गैरेज वाले भी अपने हाथ पीछे खींच रहे हैं।
रायगढ़ जिला मुख्यालय में आधा दर्जन से भी अधिक 108 एंबुलेंस कोतरा रोड के एक गैरेज में खड़ी है। इन एंबुलेंस में रायगढ़ जिले की तीन, जांजगीर चांपा की तीन और जशपुर की दो एंबुलेंस शामिल है। लगातार सडक़ों पर दौडऩे वाली ये सभी गाडिय़ां लगभग कंडम हो चुकी है। स्थिति यह है कि गाड़ी बनाने वाले गैरेज के संचालक भी यह कहने से नहीं चूकते कि गाडिय़ां अब चलने लायक नहीं है और इनमें लाखों का खर्चा होने के चलते अधिकारी यहां बात करने तक नहीं आ रहे हैं। इससे पहले भी गाड़ी बनाने के नाम पर दिए गए बिल का भुगतान भी नहीं होने की बात कही जा रही है। अब एक साथ आधा दर्जन से भी अधिक 108 एंबुलेंस कई दिनों से यहां खड़ी है और इसको बनाने के लिए वे फंड का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जिले के कांग्रेस नेता अशोक अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं इतनी बीमार है कि उनकी एंबुलेंस में दम घुटने से बच्चे की मौत हो जा रही है तो कभी समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर मरीज की मौत हो जा रही है।
ढूंढा जा रहा समस्या का हल
स्वास्थ्य अधिकारी डीके टोन्डर से चर्चा करने पर उनका कहना है कि इस मामले में स्वास्थ्य सचिव से बात करके समस्या का हल ढूंढा जा रहा है। उनका कहना है कि रायगढ़ जिले की मात्र तीन 108 एंबुलेंस हैं बाकी दूसरे जिले की है और इसके लिए स्वास्थ्य सचिव से नई एंबुलेंस भेजने के लिए लेटर भेजा गया है।