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रेत माफियाओं का दबाव, सुसाइड नोट लिख दुनिया छोड़ गया सरपंच

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रेत माफियाओं का दबाव

बिलासपुर। बेलगहना चौकी के छतौना निवासी सरपंच ने बुधवार देर रात गांव के तालाब के पास स्थित पेड़ पर जीआइ तार से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पास से सुसाइड नोट मिला है जिसमें रेत माफियाओं के नाम का जिक्र करते हुए उनके दबाव के साथ सरपंच ने अपना दर्द बयां किया है।

कोटा क्षेत्र की ग्राम पंचायत छतौना के सरपंच संत कुमार पैकरा पिता इतवार सिंह (38) बुधवार रात करीब आठ बजे घर से बिना बताए कहीं निकल गया। इस दौरान वह खाना भी नहीं खाया था। लिहाजा रात में परिजन उसकी पतासाजी करते रहे। गुरुवार सुबह भी परिजन ने उसकी तलाश शुरू कर दी।

इस बीच सुबह ग्रामीणों ने उसकी लाश को गांव के ढोड़ही तालाब के पास पेड़ में लटकते देखा। इस घटना की सूचना उनके परिजन को मिली। खबर मिलते ही परिजन भी वहां पहुंच गए। तब तक वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई थी।

सरपंच की लाश मिलने की खबर मिलते ही बेलगहना चौकी प्रभारी हेमंत सिंह मौके पर पहुंच गए। सरपंच जीआइ तार के सहारे फंदे पर झूल रहा था। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से शव को फंदे से नीचे उतारा। पंचनामा के दौरान उसके पास से डेढ़ पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने रेत माफियाओं के दबाव का जिक्र करते हुए अपनी मौत का दर्द लिखा है। पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

घर में भी छोड़ा था सुसाइड नोट

सरपंच संत कुमार नेताम रेत माफियाओं से त्रस्त हो गया था। शायद यही वजह है कि उसके मन में डर था कि उसकी दुनिया छोड़कर जाने के बाद रेत माफिया व इससे जुड़े लोग उसकी पत्नी व परिजन को परेशान कर सकते हैं। आत्महत्या करते समय उसे सुसाइड नोट गायब होने की आशंका थी।

पत्र में तथ्यों का उल्लेख

यही वजह है कि उसने अपने घर में भी सुसाइड नोट छोड़ा था। दोनों पत्र में एक ही तथ्यों का उल्लेख है। पत्र में रकम लेनदेन का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही उस पर दबाव बनाकर परेशान करने वाले रेत माफियाओं में हरीशचंद सोनी, अजय ठाकुर, राजकुमार, वरुण सिंह, अनवर खान, वादिर खान, सुमन सिंह वगैरह के नाम हैं।