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अपने हक की लड़ाई में लगातार डटे रहने पर अंततःमिल ही गया धोधावासियों को न्याय, धारा40 के तहत हटाया गया सरपंच, उपसरपंच को दिया गया प्रभार

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हटाया गया सरपंच

सरपंच ने सहमति से प्रभार देने से किया इनकार एकतरफा दिया गया प्रभार

गंडई पंडरिया. कहते है कि अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए वर्तमान परिवेश में अंत तक डटे रहना जरूरी है देर से भले ही पर न्याय जरूर मिलता है इस जुमले को आधार मान कर धोधा वासियो ने भी अपनी हक की लड़ाई काफी लंबे अरसे पूर्व से शुरू किया था और लगातार अपने हक की लड़ाई में चट्टान की तरह आज तक डटे रहे थे जिसका ही नतीजा रहा की सरपंच गिरधर ठाकुर को धारा 40 के तहत अनुविभागीय अधिकारी द्वारा सरपंच पद से हटा दिया गया है।

सरपंच पद से हटाए जाने के 2 हफ्ते बाद भी उक्त सरपंच द्वारा स्वेच्छा से सरपंच पद का प्रभार देने में आनाकानी किया गया जिसके चलते एकतरफा सरपंच पद का प्रभार पंचायत के पदाधिकारियों की उपस्थिति में वहाँ के उपसरपंच रामाधार वर्मा को दिलाया गया।

जाने क्या था ग्राम पंचायत धोधा का मामला

स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्राम पंचायत धोधा में 174 परिवारों के शौचालय निर्माण का काम होना था जिसमे से 30 शौचालय निरस्त हो गया था बाकी के 144 परिवारों के घर पर शौचालय निर्माण का कार्य कराया गया।इन 144 परिवारों में से 21 परिवारों द्वारा स्वयं की राशि से शौचालय निर्माण किया गया।04 परिवारों को शौचालय निर्माण मटेरियल राशि 9100 में से चार चार हजार दिया गया। 17 परिवारों को राशि भुगतान ही नही किया गया।

स्वीकृत परिवारों में से 700 नग ईंट,2 बोरी सीमेंट,20 धमेला रेत,06 धमेला गिट्टी एवं 1 नग दरवाजे का वितरण किया गया है।गाव के 08 शौचालय अपूर्ण है जिसमे हितग्राहियो ने सेप्टिक टैंक बना कर अपूर्ण रखा है।बाकि बचे शौचलयो में भी राशि भुगतान में अनियमित्ता को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया था और लगातार शिकायत पे शिकायत विभिन्न जिम्मेदार अधिकारियों को करने लगे थे ।

लोक सुराज, जनपद पंचायत,जिला पंचायत,जिला कलेक्टर,एसडीएम,तहसीलदार एवं अन्यो को इस संबंध में कई दफे ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत लिखित तौर पर किया गया था जिसके चलते ग्राम में विभिन्न अधिकारियो एवं टीम द्वारा कई दफे जांच भी किया गया था जिसमे ग्रामीणों ने सभी सच्चाई की पोल खोल कर रख दिया था इसके बाद भी ग्रामपंचायत के सरपंच गिरधर ठाकुर पर समुचित कार्यवाही नही किया जा सका था जिस पर ग्रामीणों ने जिला पंचायत में पुनः सभी दस्तावेजो के साथ शिकायत किया जिस पर जाँच का आदेश गंडई के अनुविभागीय अधिकारी हेमंत मत्स्यपाल को दिया गया था।

दर्जनों पेशी के बाद अंततः सरपंच पर हुई कार्यवाही

जाँच का आदेश एसडीएम को मिलने के बाद पेशी का दौर चालू हुवा शिकायत करने वाले ग्रामीण और सरपंच सचिव को दर्जनों बार तारीख पे तारीख देते हुए पेशी पर बुलाया गया इस कार्य से ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ी थी क्योकि ग्रामीण अपने सभी कामो को छोड़ कर लगातार इन पेशियों में इस हेतु जाते रहे थे की आज नही तो कल न्याय मिलेगा और अंततः न्याय मिला भी सभी बिन्दुओ पर जाँच के बाद एसडीएम हेमंत मत्स्यपाल ने दिनाक 06मई 2019 को आदेश जारी कर ही दिया की जनपद पंचायत छुईखदान को की पंचायती राज अधिनियम 1993 की धारा 40(1) के तहत अवचार प्रमाणित होने से गिरधर ठाकुर सरपंच ग्राम पंचायत धोधा को दोषी मानते हुए पदमुक्त किया जाकर कार्यालय को अवगत कराएं।

जिस पर जंनपद पंचायत छुईखदान से भी ग्राम पंचायत धोधा कोआदेश जारी हुवा की गिरधर ठाकुर सरपंच धोधा को पदमुक्त कर सरपंच का प्रभार उपसरपंच रामाधार वर्मा को दिया जाय ।इस आदेश की अवहेलना करते हुए बहाना बनाते हुए 1 हफ्ते से ज्यादा समय बिता दिया जिसके बाद पुरे मामले से सचिव ने लिखित रूप से जनपद को अवगत कराया था कि सरपंच का प्रभारK दिलाने जनपद से अधिकारी या कर्मचारियों को भेजा जाय।

इस प्रकार दिलाया गया सरपंच का प्रभार

जनपद पंचायत छुईखदान से आये अशोक कुमार कोसरे सहायक करारोपण अधिकारी ने जब पंचायत के पदाधिकारियों और सरपंच को ग्राम पंचायत में बुलाकर सरपंच पद का प्रभार उपसरपच को देने की बात कही तो सरपंच गिरधर ठाकुर ने बार बार आनाकानी किया बहाना बनाना चालू कर दिया और सरपंच का प्रभार देने से इंकार कर दिया जिसके बाद सहायक करारोपण अधिकारी ने मजबूर होकर सरपंच पद का एकतरफा प्रभार उपसरपंच रामाधर वर्मा को दिलाया।

फोड़े गये फटाखे तिलक लगा दिलाया गया प्रभार

उपसरपंच रामाधार वर्मा को सरपंच पद का प्रभार दिलाये जाने से पंचायत के प्रभारियों सहित ग्रामीणों में हर्ष का लहर देखा गया ।पंचायत भवन के बाहर फटाखे फोड़े गये उपसरपंच को तिलक लगाया गया हाथ मिलाकर बधाई दिया गया और इस प्रकार सरपंच पद का प्रभार उपसरपंच रामाधार वर्मा को दिलाया गया।