Home देश शीला दीक्षित: आतंक पर मोदी की तरह सख्त नहीं थे मनमोहन

शीला दीक्षित: आतंक पर मोदी की तरह सख्त नहीं थे मनमोहन

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शीला दीक्षित

शीला दीक्षित ने कहा कि मनमोहन सिंह की तुलना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की. उन्होंने कहा कि 26/11 मुंबई आतंकी हमले के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कोई एक्शन नहीं लिया, जबकि पुलवामा आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी कार्रवाई की. हालांकि पीएम मोदी ने यह सब राजनीति से प्रेरित होकर किया.

शीक्षा दीक्षित का यह जवाब पीएम मोदी की एक बयान की प्रतिक्रिया के रूप में आया है. दरअसल, भारतीय वायुसेना की जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंपों पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद पीएम मोदी ने कहा था कि इससे पहले 26/11 मुंबई आतंकी हमला हुआ था, लेकिन इसके जवाब में हमने कोई कार्रवाई नहीं की थी. हालांकि अब जब आतंकियों ने पुलवामा में हमला किया, तो भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकी कैंपों पर एयर स्ट्राइक की.

दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं शीक्षा दीक्षित से बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा के मिजाज पर भी प्रतिक्रिया मांग गई. उनसे यह भी पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक मजबूत नेता हैं, तो क्या इसलिए जनता उनकी ओर देख रही है? इस पर जवाबी सवाल दागते हुए दीक्षित ने कहा, ‘आपके लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का मतलब क्या है? क्या कभी ऐसा समय रहा है, जब इस देश की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया. क्या इंदिरा गांधी के जमाने में भी ऐसा समय आया, जब राष्ट्र की सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया?’

मनमोहन सिंह की तुलना में पीएम मोदी को आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने वाला नेता स्वीकार करने के बाद शीक्षा दीक्षित ने सफाई भी दी. उन्होंने ट्वीट किया, ‘कुछ मीडिया संस्थान एक इंटरव्यू के दौरान की गई मेरी टिप्पणी को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं. हालांकि इंटरव्यू के दौरान मैंने कहा था कि यहां कुछ लोगों को लग सकता है कि आतंकवाद पर पीएम मोदी ज्यादा कठोर कार्रवाई करते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि यह चुनावी चाल के सिवाय कुछ नहीं हैं.’

वरिष्ठ कांग्रेस नेता शीला दीक्षित ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा हमेशा से चिंता का विषय रहा है और इंदिरा गांधी एक मजबूत नेता रही हैं. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री दीक्षित का बयान उस समय सामने आया है, जब लोकसभा चुनाव का बिगुज बज चुका है. 10 मार्च को मुख्य चुनाव आयोग सुनील अरोड़ा ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का भी ऐलान कर दिया. वहीं, कई राजनीतिक पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की सूची भी जारी कर दी है.